डीके कॉलेज, डुमरांव में भोजपुरी स्पीच डेटा संकलन का कार्य सम्पन्न!

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रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय


मातृभाषा भोजपुरी के संरक्षण और डिजिटल विकास की दिशा में पहल

आरा। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के अंतर्गत आने वाले डीके कॉलेज, डुमरांव में मंगलवार को भोजपुरी भाषा से संबंधित स्पीच डेटा संकलन का महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न हुआ। यह संकलन केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान (CIIL), मैसूरु की पहल के तहत भाषाई संसाधनों को समृद्ध करने के उद्देश्य से किया गया।
भोजपुरी स्पीच डेटा संकलन का कार्य केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान, मैसूरु की भाषाविद् अंकिता तिवारी के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। इस दौरान भोजपुरी भाषा बोलने वाले प्रतिभागियों से उनकी मातृभाषा में विभिन्न विषयों पर बातचीत एवं भाषण के नमूने संकलित किए गए। संकलित डेटा का उपयोग भोजपुरी भाषा के अध्ययन, शोध तथा आधुनिक तकनीकी संसाधनों के विकास में किए जाने की उम्मीद है।
भोजपुरी भारत की समृद्ध लोकभाषाओं में से एक है, जिसकी अपनी विशिष्ट शब्दावली, उच्चारण, लोक-संस्कृति और साहित्यिक परंपरा है। ऐसे में भोजपुरी के मौखिक स्वरूप को डिजिटल रूप में संरक्षित करने की दिशा में स्पीच डेटा संकलन को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), वॉयस रिकग्निशन, स्पीच-टू-टेक्स्ट और अन्य डिजिटल तकनीकों के विकास में भाषाई डेटा की अहम भूमिका है। भोजपुरी जैसी भाषाओं का पर्याप्त डिजिटल स्पीच डेटा उपलब्ध होने से आने वाले समय में मातृभाषा आधारित तकनीकी सुविधाओं के विकास का मार्ग भी प्रशस्त हो सकता है।
डीके कॉलेज में हुए इस संकलन से स्थानीय स्तर पर भोजपुरी भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ विद्यार्थियों और युवाओं को अपनी मातृभाषा के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़ने का अवसर मिला। कॉलेज परिसर में आयोजित इस पहल को भोजपुरी भाषा के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और डिजिटल युग में विस्तार की दिशा में एक सार्थक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

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