रिपोर्ट :- निभाष मोदी!
गंगा का रौद्र रूप! देखते ही देखते गंगा में समा गया पुराना मंदिर, राघोपुर-शंकरपुर में मची चीख-पुकार; मौके पर पहुंचीं DM अलंक्रिता पांडे, बोलीं- ‘जल्द घर खाली कर सुरक्षित जगह जाएं’
भागलपुर: गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव ने भागलपुर के राघोपुर-शंकरपुर इलाके में भयावह स्थिति पैदा कर दी है। यहां गंगा का कटाव इतना तेज हो गया कि देखते ही देखते वर्षों पुराना चैती दुर्गा मंदिर समेत मंदिर परिसर का बड़ा हिस्सा गंगा की धारा में ध्वस्त हो गया। मंदिर के गंगा में समाने की खबर फैलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों और सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुट गए हैं।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को डर सता रहा है कि अगर कटाव इसी रफ्तार से जारी रहा तो आने वाले समय में कई और घर और महत्वपूर्ण स्थान इसकी चपेट में आ सकते हैं। लोग अपने जरूरी सामान, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर की जिलाधिकारी अलंक्रिता पांडे खुद घटनास्थल पर पहुंचीं और पूरे इलाके का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर कटाव की स्थिति की जानकारी ली।मौके पर जिलाधिकारी ने साफ कहा कि कटाव काफी तेज है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने आसपास रहने वाले लोगों से जल्द से जल्द अपने घर खाली करने की अपील की है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की जरूरत होगी, प्रशासन उन्हें सुरक्षित जगह पर पहुंचाएगा। साथ ही प्रभावित परिवारों के खाने-पीने और रहने की व्यवस्था भी की जाएगी। इतना ही नहीं, ग्रामीणों के पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने की बात भी जिलाधिकारी ने कही है।गंगा के तेज कटाव को रोकने और आसपास के इलाकों को बचाने के लिए प्रशासन की ओर से बांधों को दुरुस्त करने का काम भी किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि रेलवे बांध को दुरुस्त किया जा रहा है। वहीं महादेवपुर घाट के पास मौजूद बांध को भी मजबूत और दुरुस्त करने का काम चल रहा है।
प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे किसी भी तरह का जोखिम न लें और समय रहते अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।वहीं, मंदिर के गंगा में ध्वस्त होने की घटना ने ग्रामीणों को अंदर तक झकझोर दिया है। ग्रामीणों के लिए यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि वर्षों से आस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा स्थान था। देखते ही देखते मंदिर का गंगा में समा जाना इलाके के लोगों के लिए बेहद भावुक और भयावह क्षण रहा।फिलहाल राघोपुर-शंकरपुर में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। गंगा का कटाव लगातार जारी है और प्रशासन लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन समय रहते बाकी आबादी और घरों को गंगा की तेज धार से बचा पाएगा?



