रिपोर्ट – निभाष मोदी!
भागलपुर। जिले के राघोपुर पंचायत के शंकरपुर से इस वक्त की बड़ी और डराने वाली खबर सामने आ रही है। गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। रेलवे लाइन के पास स्थित चैती दुर्गा मंदिर और बजरंगबली मंदिर देखते ही देखते गंगा की तेज धारा में समा गए। मंदिरों के गंगा में विलीन होने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी और तेज कटाव के कारण शंकरपुर इलाके के लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही थीं। जमीन लगातार गंगा की ओर खिसक रही थी। देखते ही देखते कटाव इतना तेज हो गया कि रेलवे लाइन के समीप स्थित दोनों मंदिर भी इसकी चपेट में आ गए,स्थानीय लोगों की आंखों के सामने धार्मिक स्थल गंगा में समा गए।मंदिरों के गंगा में समाने के बाद इलाके में भय का माहौल और गहरा गया। लोगों को अब अपने घर और सामान की चिंता सताने लगी है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। कोई ट्रैक्टर पर सामान लादकर निकल रहा था तो कोई ऑटो, टोटो और ई-रिक्शा के सहारे अपना सामान सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुटा था।
शंकरपुर में सड़क और गलियों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। लोग अपने घरों से बर्तन, कपड़े, अनाज, जरूरी दस्तावेज और अन्य सामान निकालने में जुटे हुए हैं। महिलाओं और बच्चों को पहले सुरक्षित स्थानों पर भेजने की कोशिश की जा रही है। कई परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर कटाव इसी रफ्तार से जारी रहा तो वे कहां जाएंगे।स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा की धारा लगातार अपना रुख बदल रही है और कटाव का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीणों को डर है कि अगर समय रहते बचाव कार्य नहीं किया गया तो आने वाले समय में कई और घर और महत्वपूर्ण स्थान गंगा की चपेट में आ सकते हैं।वहीं, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे प्रभावित क्षेत्र को जल्द से जल्द खाली कराने का आदेश दिया है। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। साथ ही प्रभावित इलाके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।सबसे बड़ी चिंता रेलवे लाइन के आसपास बढ़ते कटाव को लेकर भी है। गंगा की तेज धारा लगातार जमीन को काट रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई और राहत-बचाव व्यवस्था पर टिकी हुई है।शंकरपुर में इस वक्त हर तरफ एक ही डर दिखाई दे रहा है—आज मंदिर गंगा में समाया है, कहीं अगली बारी उनके आशियाने की न हो। गंगा का रौद्र रूप देखकर ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने को मजबूर हैं। आने वाले कुछ घंटे इस इलाके के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।




