रिपोर्ट – प्रिंस कुमार!
घायल कटिहार सदर अंचल अधिकारी C.O की आंख पर फिर प्रहार! सदर अंचल कार्यालय में अंचल कर्मी की दबंगई मारपीट का CCTV फुटेज आया सामने!
बिहार के कटिहार जिला सदर अंचल कार्यालय में अंचलाधिकारी सोनू भगत के साथ मारपीट की घटना ने पूरे प्रशासनिक महकमे को हिला दिया है। अंचल कर्मी संजय वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने CO के कार्यालय में घुसकर उनके साथ मारपीट की। घटना से जुड़ा CCTV फुटेज भी सामने आया है, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फुटेज में कार्यालय के अंदर अंचल कर्मी संजय वर्मा को CO सोनू भगत के साथ कथित तौर पर प्रहार करते हुए देखा जा सकता है।
इस घटना की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि CO सोनू भगत पहले से ही आंख की गंभीर चोट से जूझ रहे हैं। बीते दिनों छात्र आंदोलन के दौरान हुई पत्थरबाजी में उनकी आंख पर गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद वे इलाज और आंख का ऑपरेशन कराने के लिए छुट्टी पर गए थे। ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य लाभ लेकर उन्होंने दोबारा कार्यालय पहुंचकर अपनी जिम्मेदारी संभाली थी।
लेकिन ड्यूटी पर लौटने के कुछ ही समय बाद उनके साथ कार्यालय के अंदर ही कथित मारपीट की घटना सामने आ गई। वायरल CCTV फुटेज ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि अंचल कर्मी संजय वर्मा और CO सोनू भगत के बीच कार्यालय के अंदर विवाद की स्थिति बनती है और इसके बाद संजय वर्मा की ओर से CO पर प्रहार किया जाता दिखाई दे रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक सरकारी कार्यालय के अंदर ही एक अधिकारी और उनके अधीनस्थ कर्मी के बीच विवाद इस हद तक पहुंच गया? क्या मामला किसी प्रशासनिक आदेश, कामकाज या किसी अन्य विवाद से जुड़ा था—इसकी पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
घटना के बाद कटिहार सदर अंचल कार्यालय में तनाव का माहौल बन गया। CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है और अब यह घटना जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने जांच के आदेश दिए हैं और जांच टीम का गठन कर दिया है। अब जांच टीम CCTV फुटेज समेत पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कार्रवाई करेगी।
पहले आंदोलन में पत्थरबाजी से घायल आंख, फिर उसी आंख पर कार्यालय में कथित प्रहार—CO सोनू भगत के साथ हुई इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल CCTV फुटेज ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी नजर जिलाधिकारी के आदेश पर गठित जांच टीम की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।




