रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय
कार्यालयों में लंबित फाइलों के समयबद्ध निष्पादन का निर्देश, निर्माणाधीन प्रखंड कार्यालय की गुणवत्ता पर भी दिया जोर
आरा। जिलाधिकारी (भोजपुर ) मनेश कुमार मीणा ने सोमवार को उदवंतनगर प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण कर विभिन्न कार्यालयों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मियों को कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने प्रखंड क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ जनसंवाद कर स्थानीय समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने विभिन्न कार्यालयों में उपस्थिति पंजी, महत्वपूर्ण रजिस्टर, संचिकाओं एवं अभिलेखों का अवलोकन किया। उन्होंने लंबित फाइलों की संख्या, उनके निष्पादन की स्थिति तथा फाइलों के निस्तारण में लगने वाले समय की भी जानकारी ली। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी संचिकाओं का नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने प्रत्येक फाइल के आवागमन और निष्पादन का समुचित रिकॉर्ड रखने के लिए लॉगबुक संधारित करने का निर्देश दिया, ताकि फाइलों की स्थिति और उनके निष्पादन की प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जा सके। कार्यालयों में अभिलेखों को अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने तथा कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया।
आम लोगों के मामलों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मियों को अपने दायित्वों का गंभीरता और तत्परता से निर्वहन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आमजन से जुड़े मामलों के निष्पादन में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। कार्यालयीन कार्यों की नियमित निगरानी के साथ-साथ हर स्तर पर जवाबदेही तय करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
नए प्रखंड कार्यालय के निर्माण का लिया जायजा
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन नए प्रखंड कार्यालय परिसर का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का निरीक्षण करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसी को निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया।
डीएम ने निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने तथा निर्माण की नियमित निगरानी एवं प्रगति का अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने की बात कही।
जनप्रतिनिधियों ने रखीं क्षेत्र की समस्याएं
निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने प्रखंड क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ जनसंवाद किया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की विभिन्न स्थानीय समस्याओं, विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों को जिलाधिकारी के समक्ष रखा।
जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित पदाधिकारियों को प्रत्येक मामले में नियमानुसार त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और आमजन से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि उठाए गए प्रत्येक मामले का समुचित अनुश्रवण करें और कार्रवाई की स्थिति से अवगत रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा लोगों को सरकारी कार्यालयों में अपने कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।



