लाखों का पंचायत घोटाला: RTI से हुआ बड़ा पर्दाफाश,9 योजनाओं में 50 लाख के गबन का खुलासा!

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रिपोर्ट – अभिषेक कुमार

लाखों का पंचायत घोटाला: RTI से हुआ बड़ा पर्दाफाश,
9 योजनाओं में 50 लाख के गबन का खुलासा, कार्रवाई का इंतजार

पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की एक बड़ी मिसाल सामने आई है। टिकारी प्रखण्ड के दिघौरा पंचायत के पंचायत समिति सदस्य पुत्र मिलन यादव की सजगता से पंचायत में विकास के नाम पर हुए लाखों रुपये के फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। जांच में सामने आया है कि धरातल पर योजनाएं नदारद थीं, फिर भी सरकारी खजाने से 45 से 50 लाख रुपये निकाल लिए गए।

​RTI से मिला सबूत, ऐसे हुआ खुलासा
​मिलन यादव ने पंचायत में चल रही विकास योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताई थी। उन्होंने हार न मानते हुए सूचना का अधिकार के तहत ब्योरा मांगा। काफी मशक्कत और लंबी प्रक्रिया के बाद जब दस्तावेज मिले, तो वे चौंकाने वाले थे। मिलन यादव ने प्राप्त कागजात के आधार पर 10 योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

​स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर पहुंचे पटना
​जब स्थानीय स्तर पर उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया, तो निराश होने के बजाय मिलन यादव ने सीधे पंचायती राज विभाग के पटना मुख्यालय में गुहार लगाई। उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यालय हरकत में आया। पटना से अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम टिकारी की संबंधित पंचायत में भेजी गई।

​जांच में खुली पोल: बिना काम के निकले पैसे
​पटना से आई टीम ने जब स्थल निरीक्षण किया, तो शिकायतों की पुष्टि हो गई। जांच रिपोर्ट में सामने आई मुख्य बातें:
​9 योजनाओं में धांधली: कुल 10 में से 9 योजनाओं में भारी वित्तीय अनियमितता पाई गई।
​फर्जीवाड़ा और गबन: करीब 45 से 50 लाख रुपये का गबन किया गया।
​कागजों पर ही बनीं योजनाएं: कई योजनाएं धरातल पर अस्तित्व में ही नहीं थीं, लेकिन उनकी पूरी राशि निकाल ली गई थी।
​एक ही काम के नाम पर बार-बार निकासी: कुछ योजनाओं के नाम पर अलग-अलग मदों से बार-बार स्वीकृति दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान ले लिया गया।
​आरटीआई के सहारे जांच कराने वाले मिलन यादव ने बताया कि जांच में साफ हो गया है कि धरातल पर काम शून्य था और पैसे निकाल लिए गए। इस पूरे गबन में कुल 7 लोग दोषी हैं, जिनसे विभाग ने स्पष्टीकरण मांगा है। जांच रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपी जा चुकी है, लेकिन दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होना अभी बाकी है।

​कार्रवाई का इंतजार
​जांच रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपे जाने के बाद भी अब तक दोषियों पर सख्त एक्शन नहीं लिया गया है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ता को इंतजार है कि सरकार जल्द से जल्द इन 7 दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कर राशि की वसूली करे, ताकि पंचायत स्तर पर चल रहे भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके।
बाईट – मिलन यादव
रिपोर्ट – अभिषेक कुमार
गयाजी

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