रिपोर्ट – संतोष चौहान
सुपौल में उच्च शिक्षा को मिली नई उड़ान: एक साथ छह नए राजकीय डिग्री कॉलेजों का हुआ शुभारंभ, हजारों छात्रों का सपना हुआ साकार
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया उद्घाटन, छात्राओं के लिए पिंक बस सेवा और स्थायी परिसर की तैयारी भी अंतिम चरण में
सुपौल :- जिले के शिक्षा क्षेत्र के लिए बुधवार का दिन बहुत ही ऐतिहासिक साबित हुआ। बिहार सरकार की ओर से उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी 211 नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इसी क्रम में सुपौल जिले के छह प्रखंडों पिपरा, छातापुर, सरायगढ़-भपटियाही, किशनपुर, प्रतापगंज और मरौना में नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों का विधिवत शुभारंभ हुआ। इन कॉलेजों के शुरू होने से जिले के हजारों छात्र-छात्राओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को अब उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयोजित उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने भाग लिया। उद्घाटन के अवसर पर सभी कॉलेजों में शिक्षा के नए युग की शुरुआत का संदेश दिया गया और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
पिपरा स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय का उद्घाटन सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामैत ने स्थानीय मुखिया, सरपंच तथा अन्य जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति में किया। सांसद ने कहा कि नए कॉलेज के खुलने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा। उन्होंने इसे क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
छातापुर में आयोजित समारोह में विधायक नीरज कुमार सिंह “बबलू” ने प्रखंड प्रमुख, मुखिया एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कॉलेज का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला होती है और यह महाविद्यालय क्षेत्र के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।
सरायगढ़-भपटियाही स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय का उद्घाटन विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, जिलाधिकारी सावन कुमार, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि प्रो० डॉ० गुलरेज रौशन रहमान, सरपंच, पूर्व मुखिया एवं अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में हुआ। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर क्षेत्र में उच्च शिक्षा की सुलभ व्यवस्था सुनिश्चित करना है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही जिले में मिल सके। उन्होंने कॉलेज के सुचारु संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियों की जानकारी भी दी।
किशनपुर में विधायक रामविलास कामत तथा प्रखंड प्रमुख सूर्य नारायण प्रसाद की उपस्थिति में कॉलेज का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह महाविद्यालय क्षेत्र के सामाजिक और शैक्षणिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।
प्रतापगंज में आयोजित समारोह में पूर्व विधायक लखन ठाकुर ने प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि रमेश प्रसाद यादव, समिति सदस्य सुशील नाग, सेवानिवृत्त प्राचार्य नागेश्वर विराजी, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि डॉ० संग्राम सिंह एवं अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी में कॉलेज का उद्घाटन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से इस क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की मांग की जा रही थी, जो अब पूरी हो गई है। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
वहीं मरौना स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय का उद्घाटन स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। समारोह में मुखिया जितेंद्र कुमार यादव, पूर्व मुखिया एजाजुल हक, विष्णुदेव यादव, चन्द्रशेखर यादव, सरपंच देव नारायण यादव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की नई शुरुआत बताया।
प्रशासन ने बताया कि सभी नवस्थापित महाविद्यालयों के संचालन के लिए आवश्यक फर्नीचर, उपस्कर तथा अन्य स्टेशनरी सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। जिन विद्यालय भवनों में फिलहाल इन कॉलेजों का संचालन होना है, वहां आवश्यक मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का कार्य भी पूरा कर लिया गया है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विशेष पहल करते हुए इन महाविद्यालयों में नामांकन, नियमित उपस्थिति और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पिंक बस सेवा की व्यवस्था भी की है। माना जा रहा है कि इस सुविधा से ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में काफी सहूलियत मिलेगी और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।
इसके अलावा प्रशासन ने जानकारी दी कि सभी नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों के स्थायी संचालन के लिए भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। भूमि उपलब्ध होते ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्थायी भवनों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाएं मिल सकेंगी।
शिक्षाविदों का मानना है कि जिले के छह नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों की शुरुआत से सुपौल में उच्च शिक्षा का नया अध्याय शुरू हुआ है। अब बड़ी संख्या में ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राएं अपने घर के नजदीक स्नातक स्तर की पढ़ाई कर सकेंगे। इससे न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा बल्कि उच्च शिक्षा में नामांकन दर बढ़ेगी, छात्राओं की पढ़ाई को भी नई गति मिलेगी और जिले का सामाजिक एवं आर्थिक विकास मजबूत होगा।
स्थानीय लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से इन क्षेत्रों में डिग्री कॉलेज की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब इन संस्थानों के शुरू होने से युवाओं के लिए रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उच्च शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे। लोगों ने उम्मीद जताई कि जल्द ही स्थायी भवनों का निर्माण और शिक्षकों की नियमित नियुक्ति होने से ये महाविद्यालय जिले के प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित होंगे।




