रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
मधुबनी पुलिस ने करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का किया पर्दाफाश,शातिर ठग दम्पति को किया गिरफ्तार।
मधुबनी पुलिस ने बरे कार्वाई करते हुए समूह लोन का झांसा देकर महिलाओं के बैंक खातों का दुरुपयोग करने वाले एक शातिर साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक दंपति की गिरफ्तारी हुई है और पुलिस के अनुसार इनके बैंक खातों के विरुद्ध 91 साइबर शिकायतें दर्ज हैं। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने बताया है कि यह सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण और भोलीभाली महिलाओं को निशाना बनाकर किए जा रहे संगठित साइबर अपराध की गंभीर तस्वीर है। आज डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन लेन-देन के दौर में जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर शातिर ठगों द्वारा नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। पकड़े गए साइबर ठग दंपति के द्वारा समूह लोन दिलाने का लालच देकर महिलाओं के नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। फिर एटीएम, चेकबुक, मोबाइल सिम और अन्य दस्तावेज ये लोग अपने कब्जे में ले लेता था। इसके बाद इन्हीं खातों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी से जुड़े लेन-देन के लिए किया जाता था। इसका तार असम बंगाल बिहार तमिलनाडु सहित कई राज्यों से जुड़ा हुआ है। इसके आका असम से नेटवर्क का संचालन कर रहा है। एसएसपी ने आगे बताया ये दोनों पति पत्नी रिटायर एयर फोर्स सिपाही है और साइबर क्राइम से करीब तीन करोड़ की सम्पति बनाई है। नगर थाना के राम चौक निवासी विजय चंद्र पाल दम्पति के पास ढाई से तीन करोड़ कि सम्पति का पता चला है। इसके पास से 53 बैंक पासबुक 47 चेक बुक ,22 मुहर ,4 मोबाइल सहित अन्य संदिग्ध कागजात बरामद हुआ है। जिले में भी इस शातिर साइबर ठगी नेटवर्क में कई और लोगों के संलिप्त होने की संभावना जताई जा रही है।इस शातिर साइबर नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए साइबर पुलिस कार्रवाई कर रही है। एस एस पी योगेंद्र कुमार ने कहा हर नागरिक को यह समझना होगा कि अपना बैंक खाता, एटीएम, चेकबुक, ओटीपी, मोबाइल सिम या किसी भी प्रकार के बैंकिंग दस्तावेज किसी दूसरे व्यक्ति को देना गंभीर जोखिम से भरा है। थोड़ी सी लापरवाही किसी निर्दोष व्यक्ति को भी कानूनी परेशानी में डाल सकती है। बहरहाल पुलिस की ततपरता से दोनों शातिर साइबर ठगों की गिरफ्तारी से कई भोले भाले लोग इनके जाल में फंसने से बच गए। पुलिस साइबर थाना में मामला दर्ज कर तफ्तीश में जुट गई है।
बाईट– योगेंद्र कुमाए एसएसपी मधुबनी



