:- रवि शंकर अमित!
पटना जिला अंतर्गत बाढ़ अनुमंडल के मोकामा स्थित रेफरल अस्पताल की बदहाली बारिश में उजागर हो गई है। मात्र आधे घंटे की मूसलाधार बारिश ने अस्पताल प्रबंधन और बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की पोल खोलकर रख दी। बारिश शुरू होते ही पूरा अस्पताल परिसर जलमग्न हो गया और स्थिति इतनी भयावह हो गई कि अस्पताल की सीढ़ियों से पानी किसी ऊंचे झरने की तरह नीचे बहने लगा। इस जलजमाव के कारण अस्पताल में इलाज कराने आए मरीज, उनके परिजन और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी वहीं फंस कर रह गए।
झमाझम बारिश के बीच अस्पताल भवन के अंदर पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा, जिससे चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। देखते ही देखते बारिश का पानी मरीजों के सामान्य वार्ड तक पहुंच गया। बेड के नीचे तक पानी भर जाने के कारण बीमार मरीज बेहद लाचार नजर आए। वे खुद को और अपने सामान को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित कोनों की तलाश में जद्दोजहद करते दिखे। अस्पताल की इस नारकीय स्थिति के कारण मरीजों को न तो ढंग से खड़े होने की जगह मिल रही थी और न ही बैठने की। जलभराव की वजह से ओपीडी, दवा वितरण केंद्र और निबंधन काउंटर पर काम बा पूरी तरह ठप्प हो गया। जो लोग इलाज के लिए कतारों में खड़े थे, उन्हें अपनी जान और सेहत की परवाह करते हुए इधर-उधर शरण लेनी पड़ी।
बारिश थमने के काफी समय बाद जब पानी का स्तर कम हुआ, तब जाकर अस्पताल परिसर की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकी। इसके बाद ही मरीजों ने राहत की सांस ली और फिर से पर्ची कटाने तथा दवा लेने की लाइनों में खड़े हुए। एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की ऐसी दयनीय हालत न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
हेल्थ मैनेजर शोभा भारती ने कहा कि पाईप लीकेज के कारण बारिश का पानी अचानक सीढी से होते कैम्पस में फैला, जिसे बारिश ठीक होने के आधे घंटे बाद ठीक कर लिया गया।
बाइट – मरीज व परिजन




