अतिक्रमण हटाओ अभियान का दुकानदारों ने किया जमकर विरोध!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा

स्थानीय विरोध और विवादों के बीच समाप्त हुआ अतिक्रमण हटाओ अभियान

मधुबनी जिले के जयनगर अनुमंडल मुख्यालय क्षेत्र में अनुमंडल प्रशासन के द्वारा चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान विवादों और स्थानीय विरोध के बीच समाप्त हुआ। मधुबनी जिला प्रशासन के निर्देश पर अंचलाधिकारी अखिलेश चौधरी के नेतृत्व में नगर पंचायत के कार्यपालक सुनील कुमार, पुलिस एवं नगर अधिकारियों की बड़ी टीम सहर के वाटरवेज चौक से स्टेशन चौक तक अतिक्रमण हटाने मे सक्रिय रहे। अभियान के दौरान सड़क किनारे लगे ठेले, खोमचे, अस्थायी दुकानें, बांस-बल्लियों से बने ढांचे और सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण हटाए गए, जिनमें कई स्थानों पर जेसीबी मशीन की सहायता ली गई। कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों और अतिक्रमणकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराए। विरोध कर रहे लोगो का कहना था कि उन्हें अपने दूकान हटाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था या फिर समुचित सूचना नहीं दी गई। जिससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होगी। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई चयनात्मक हो रही है। सभी अतिक्रमणकारियों पर समान रूप से कार्बाई नहीं किया जा रहा है। इस पर मौके पर अधिकारियों एवं दूकानदार प्रतिनिधियों के बीच बहस व नोकझोंक भी देखी गई। मोके पर कार्वाई करने आए प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि सड़क व सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मूक्त करना आवश्यक था। ताकि यातायात सुचारु रहे और आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। अधिकारियों ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की लोगों से अपील की है। साथ ही स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। पुलिस बल की तैनाती से स्थिति नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई। हालाकि अभियान का कुछ हिस्सा सफल रहा, परंतु कई शहरवासियों ने आशंका जताई है कि प्रमुख सड़कों के कुछ हिस्सों पर अतिक्रमण जस का तस बने हुए हैं। जिससे अभियान की निष्पक्षता और प्रभावशीलता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं अनुमंडल अधिकारि ने कहा है कि शेष बचे अतिक्रमणों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा और नगर क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करने के लिए नियमित अभियान जारी रखे जाएंगे।

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