उभरते स्टार्टअप के लिये लीगल एंड कम्प्लायंस क्लिनिक का आयोजन!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा

उद्योग विभाग के स्टार्टअप सेल मधुबनी की अनूठी पहल उभरते उद्यमियों को कानूनी और वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए “लीगल एंड कंप्लायंस क्लिनिक”(कानूनी और विनियामक अनुपालन कार्यशाला) का सफल आयोजन

उद्योग विभाग, बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्टार्टअप बिहार’ योजना के अंतर्गत, बुधवार दिनांक 20.05.2026 को जिला उद्योग केंद्र ( डी आई सी ), मधुबनी के सभागार में एक दिवसीय वृहद “लीगल एंड कंप्लायंस क्लिनिक” (कानूनी और विनियामक अनुपालन कार्यशाला) का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के नवोदित उद्यमियों, छात्र अन्वेषकों और स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एम एस एम ई एस ) को व्यापार शुरू करने, उसके विनियामक ढांचे, बौद्धिक संपदा अधिकार (आई पी आर ) और कर नियमों की पेचीदगियों से अवगत कराना था।
इस उच्चस्तरीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी के महाप्रबंधक रमेश कुमार शर्मा ने की। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न विभागों के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी, कराधान प्राधिकारी, भूमि अवसंरचना प्रबंधक और उद्योग विशेषज्ञ मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए जिला स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर कुमार हार्दिक ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बिहार स्टार्टअप नीति 2022 के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे सरकार नए नवाचारियों एवं उद्यमियों को ₹10 लाख तक का ब्याज मुक्त सीड फंड और शुरुआती तकनीकी सहायता प्रदान कर उनके सपनों को उड़ान दे रही है।
प्रसिद्ध स्टार्टअप व टैक्स कंसलटेंट डॉक्टर प्रशांत कुमार ने ट्रेडमार्क, पेटेंट और कॉपीराइट के तकनीकी पहलुओं पर एक विस्तृत मास्टरक्लास ली। उन्होंने समझाया कि किसी भी स्टार्टअप के लिए अपने आइडिया और ब्रांड को शुरुआत में ही सुरक्षित करना क्यों आवश्यक है।
मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अवर निबंधक प्रणव शेखर ने युवाओं को नए व्यवसाय के कानूनी पंजीकरण और उसमें मिलने वाली सरकारी सहूलियतों की क्रमिक प्रक्रिया से अवगत कराया।
राज्य कर एवं वाणिज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त प्रेम चंद्र भारती एवं धर्मदेव कुमार ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि टैक्स अनुपालन अब बेहद सरल हो चुका है। उन्होंने जीएसटी के नियमों को सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि पारदर्शी टैक्स सिस्टम ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देकर व्यापार को तेजी से स्केल करने में मदद करता है।
बियाडा के क्षेत्रीय प्रबंधक राजीवनाथ पाठक ने बताया कि आकांक्षी उद्यमियों को अपना स्टार्टअप और विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए बियाडा किस तरह अत्यंत सरल और सुलभ तरीके से औद्योगिक भूमि और प्लग-एंड-प्ले स्पेस उपलब्ध करा रहा है।
स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इन-चार्ज शशांक सौरभ ने छात्रों और नवोदित उद्यमियों को आश्वस्त किया कि स्टार्टअप सेल आइडिया के स्तर से लेकर बाजार में उतरने तक हर कदम पर तकनीकी मार्गदर्शन और मेंटरशिप देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के समापन सत्र में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि उद्योग विभाग जिले में एक सक्षम और आधुनिक उद्यमशीलता इकोसिस्टम बनाने के लिए लगातार इस तरह के व्यावहारिक शिविरों का आयोजन कर रहा है। उन्होंने उपस्थित युवाओं और एम एस एम ई एस से विभाग की विभिन्न योजनाओं और सब्सिडी का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यशाला के अंत में जिला स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर ने सभी विशिष्ट अतिथियों और जिले भर से आए प्रतिभागियों को सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में युवाओं और स्टार्टअप्स के भारी उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए स्टार्टअप सेल मधुबनी ने घोषणा की कि अब हर महीने अलग-अलग महत्वपूर्ण व्यावसायिक विषयों पर इसी प्रकार के शक्तिशाली और व्यावहारिक ‘एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग कार्यक्रम’ का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा।

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