रिपोर्टर– राजीव कुमार झा
मधुबनी जिले से लगने वाली इंडो नेपाल बोर्डर सुरक्षा मे मुस्तैद 48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, जयनगर के द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं मे कौशल विकास एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समवाय दुल्लीपट्टी में 15 दिवसीय टू व्हीलर सर्विसिंग रिपेयर कॉर्स का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन 48 वीं वाहिनी जयनगर के कमांडेंट राजेन्द्र कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उप कमांडेंट (प्रचार) विमल गुप्ता, अधीनस्थ अधिकारी, जवान और वाइब्रेंट विलेज के लाभार्थी तथा सीमावर्ती क्षेत्र के युवक उपस्थित रहे। मंच संचालन सहायक उप निरीक्षक (संचार) महेंद्र सिंह तोमर के द्वारा किया गया और प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाइब्रेंट विलेज के कुल 30 युवाओं को टू-व्हीलर सर्विसिंग एवं रिपेयरिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कोर्स रमा फाउंडेशन के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक तकनीकी कौशल से जोड़ना है, ताकि वे आगे चलकर रोजगार या स्वरोजगार का साधन विकसित कर सकें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट राजेन्द्र कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी कौशल ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाने और सीखे गए कौशल के माध्यम से रोजगार तथा स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया है, उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सशस्त्र सीमा बल की प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं, रमा फाउंडेशन के डायरेक्टर देवेश पांडे ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण की उपयोगिता, इसकी व्यवहारिक आवश्यकता तथा भविष्य में उपलब्ध रोजगार संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दिए। उन्होंने युवाओं को नियमित अभ्यास, अनुशासन और लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
बता दें कि एसएसबी जयनगर के द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं के लिए एक सकारात्मक अवसर के रूप में देखा जा रहा है, इससे न केवल युवाओं को रोजगारोन्मुखी दक्षता मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर तकनीकी सेवाओं की उपलब्धता भी सुदृढ़ होगी। साथ ही, वाहिनी ने संकेत भी दिया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।



