प्रस्तावित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के अस्थायी कैंपस को लेकर जिलाधिकारी ने किया स्थल निरीक्षण!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा

डिजाइन शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में बिहार को मिलेगी नई पहचान।

मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने गुरुवार की देर शाम प्रस्तावित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एन आई डी) के अस्थायी कैंपस की स्थापना को लेकर घोघरडीहा अंचल अंतर्गत भपटीयाही स्थित ओबीसी महिला छात्रावास भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए भवन की संरचना, उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, आवागमन एवं शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन हेतु आवश्यक तैयारियों का आकलन किया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संस्थान के संचालन हेतु आधारभूत संरचनाओं को शीघ्र विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भारत सरकार से अंतिम स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत संस्थान का संचालन शीघ्र प्रारंभ किया जा सके।
गौरतलब हो कि भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्राप्त होने के बाद यह बिहार का पहला नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन होगा। इसके स्थायी कैंपस के मिथिला चित्रकला संस्थान, मधुबनी के आसपास स्थापित होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा तेजी से अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है। बताते चले कि
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन देश के प्रतिष्ठित एवं राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में शामिल है, जो डिजाइन, नवाचार, कला एवं रचनात्मक शिक्षा के क्षेत्र में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करता है। मधुबनी में इस संस्थान की स्थापना होने से बिहार विशेषकर मिथिला क्षेत्र को बहुआयामी लाभ मिलने की संभावना है।
संस्थान की स्थापना से मिथिला पेंटिंग एवं पारंपरिक लोक कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। स्थानीय कलाकारों एवं युवाओं को आधुनिक डिजाइन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग तथा डिजिटल मार्केटिंग से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। इससे “लोकल टू ग्लोबल” की अवधारणा को भी मजबूती मिलेगी।
इसके अतिरिक्त बिहार के विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय डिजाइन शिक्षा के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। युवाओं के लिए नए करियर एवं रोजगार के अवसर विकसित होंगे।
संस्थान के खुलने से मधुबनी जिले में शिक्षा, पर्यटन, होटल, परिवहन, किराया, हस्तशिल्प एवं स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी व्यापक बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मधुबनी देश के प्रमुख “क्रिएटिव एवं डिजाइन एजुकेशन हब” के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर सकेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह संस्थान केवल एक शैक्षणिक केंद्र नहीं होगा, बल्कि बिहार की कला, संस्कृति, नवाचार एवं युवा क्षमता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा।

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