सांसद सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न, सुपौल जिले में सड़क सुरक्षा के कई मुद्दों पर हुई विशेष चर्चा।

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रिपोर्ट :- संतोष चौहान,
सुपौल

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु व्यापक कार्ययोजना पर जोर, जागरूकता, त्वरित उपचार एवं सख्त प्रवर्तन पर विशेष निर्देश

सुपौल:- समाहरणालय सुपौल स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिला प्रशासन सुपौल द्वारा सांसद सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसमें जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने तथा आमजन में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इस बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता सुपौल सांसद दिलेश्वर कामैत ने की। बैठक में जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायकगण, जिला स्तरीय पदाधिकारी, पुलिस प्रशासन, परिवहन विभाग, नगर निकायों के प्रतिनिधि एवं सड़क सुरक्षा समिति के नामित सदस्य उपस्थित थे।

बैठक के प्रारंभ में जिला परिवहन पदाधिकारी, सुपौल द्वारा अध्यक्ष एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। इसके उपरांत जिला परिवहन पदाधिकारी ने सड़क सुरक्षा समिति की भूमिका, जिले में सड़क दुर्घटनाओं की वर्तमान स्थिति, ब्लैक स्पॉट चिन्हांकन, सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों तथा विभाग द्वारा किए जा रहे सुधारात्मक एवं नवाचारी प्रयासों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में यह बताया गया कि जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों का लगातार विश्लेषण कर दुर्घटना के प्रमुख कारणों की पहचान की जा रही है। साथ ही दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) को चिन्हित कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्य, चेतावनी संकेत, रोड मार्किंग एवं अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं। समिति द्वारा हिट एंड रन मामलों में मुआवजा भुगतान, सड़क सुरक्षा मानकों के पालन, चालक प्रशिक्षण, जनजागरूकता एवं गुड समैरिटन (नेक व्यक्ति) से संबंधित दिशा-निर्देशों के प्रभावी अनुपालन की भी नियमित समीक्षा की जा रही है।

बैठक के दौरान निर्मली विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं के प्रति और अधिक संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताते हुए पिपरा खुर्द, झाझा एवं चिकनी क्षेत्र को भी ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक विषय नहीं बल्कि जनहित एवं जनजीवन से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने परिवहन विभाग की योजनाओं एवं सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी को पंचायत एवं प्रखंड स्तर तक पहुंचाने हेतु बैनर, पोस्टर एवं सूचना सामग्री के व्यापक प्रदर्शन पर बल दिया।

पिपरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक द्वारा करियो चौक एवं बगही चौक को भी दुर्घटना संभावित क्षेत्र के रूप में सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया, जिस पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

बैठक में सड़क दुर्घटना के बाद “गोल्डन आवर” के महत्व पर विशेष चर्चा हुई। बताया गया कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे के भीतर घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना उसकी जान बचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस संदर्भ में “राहवीर योजना” एवं “गुड समैरिटन” प्रावधानों के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्ति को ₹25,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। सांसद एवं जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं एवं आम नागरिकों को इस योजना के प्रति जागरूक एवं प्रेरित किया जाए ताकि दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार मिल सके।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि सरकार द्वारा ऐसे सहायता करने वाले व्यक्तियों को अनावश्यक पूछताछ, कानूनी प्रक्रिया एवं समन से संरक्षण प्रदान किया गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, न्यायिक पदाधिकारियों एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। जिला पदाधिकारी-सह-सदस्य सचिव, जिला सड़क सुरक्षा समिति ने निर्देश दिया कि शहर एवं प्रखंड मुख्यालयों के प्रमुख स्थलों पर होर्डिंग लगाए जाएं तथा सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया एवं अन्य प्रचार माध्यमों से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।

बैठक में जिले में बढ़ती यातायात जाम की समस्या पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि बिना निबंधन संचालित ई-रिक्शा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ई-रिक्शा के व्यवस्थित संचालन हेतु सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को रूट एवं समय निर्धारण करने के लिए अधिकृत किया गया, ताकि शहरों एवं बाजार क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

वीरपुर अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा सड़क के मध्य एवं किनारों पर बनी रोड मार्किंग तथा सफेद पट्टियों के धुंधले हो जाने की समस्या उठाई गई। इस पर जिला पदाधिकारी ने ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

अध्यक्षीय संबोधन में सांसद दिलेश्वर कामत ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी दायित्व नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में बिहार का स्थान देश में दसवां है, जिसे गंभीर प्रयासों के माध्यम से सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन एवं निरस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने ओवरस्पीडिंग, सीट बेल्ट नहीं पहनना, गलत दिशा में वाहन चलाना, अवैध पार्किंग एवं अनियंत्रित यू-टर्न को सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण बताते हुए इनके विरुद्ध सख्त प्रवर्तन की आवश्यकता बताई।
सांसद ने सभी पुलों, मोड़ों, व्यस्त चौक-चौराहों एवं दुर्घटना संभावित स्थलों पर रेडियम पट्टी, रिफ्लेक्टर एवं साइनेज लगाने का निर्देश दिया, ताकि रात्रि के समय भी वाहन चालकों को स्पष्ट दृश्य संकेत मिल सके और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। उन्होंने स्कूलों एवं कॉलेजों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम एवं मॉक ड्रिल आयोजित कर बच्चों एवं युवाओं को प्रारंभिक स्तर से ही यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया।

बैठक में पुलिस एवं ट्रैफिक थानों में लंबित सड़क दुर्घटना मामलों की भी समीक्षा की गई। सांसद ने निर्देश दिया कि जो सड़क दुर्घटना मामले अब तक ऑनलाइन रिपोर्ट नहीं किए गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन अपलोड किया जाए ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा एवं सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक के दौरान “एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना, 2026” की भी विस्तार से समीक्षा की गई। बताया गया कि मोटरयान अधिनियम, 1988 के अंतर्गत 90 दिनों से अधिक समय से लंबित ई-चालानों के निष्पादन हेतु परिवहन विभाग द्वारा अधिसूचना संख्या-3261, दिनांक 30.अप्रैल 2026 के माध्यम से विशेष योजना लागू की गई है। लंबित मामलों का निष्पादन आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 09 मई 2026 को किया जाएगा।
सांसद ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस योजना की जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाई जाए ताकि वाहन मालिक एवं चालक अपने लंबित ई-चालानों का सरल तरीके से निष्पादन करा सकें। इसके लिए समाचार पत्र, रेडियो, सोशल मीडिया, बैनर, होर्डिंग एवं अन्य प्रचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में यह भी कहा गया कि इस पहल से न केवल लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी, बल्कि लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।

जिला पदाधिकारी ने जानकारी दी कि सड़क सुरक्षा नियमों, यातायात उल्लंघन एवं उससे संबंधित दंड/जुर्माने की जानकारी देने हेतु एक विस्तृत सूचना पुस्तिका (बुकलेट) तैयार की जा रही है, जिसे शीघ्र ही आम जनता के बीच उपलब्ध कराया जाएगा। इससे आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों की स्पष्ट जानकारी प्राप्त होगी तथा वे नियमों के पालन के प्रति अधिक जागरूक हो सकेंगे।

बैठक के अंत में सांसद महोदय ने निर्देश दिया कि जिले में ऐसे सभी स्थानों की पहचान की जाए जहां दो या उससे अधिक बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसके लिए सभी थाना क्षेत्रों से प्रतिवेदन प्राप्त कर विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस विभाग के प्रतिनिधि, नगर निकाय पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य उपस्थित थे।

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