लिराजगढ़ में उत्खनन कार्य का शुभारंभ: मिथिला एवं मधुबनी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि!

SHARE:

रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!

मधुबनी जिला अंतर्गत बाबूबरही प्रखंड क्षेत्र स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्थल बलिराजगढ़ में भारत सरकार के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा उत्खनन कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। राजा बली के गढ से प्रसिद्ध स्थल एवं जहां भगवा विष्णु को राजा बली के दान शिलता को लेकर स्वयं अपने आप को भेष बदल कर यानी की बौने के रुप धारन कर आना पड़ा हो, ऐसे जगहो उत्खनन न केवल मधुबनी जिले, बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र के लिए गौरव एवं ऐतिहासिक महत्व का प्रतीक है।
इस शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में माननीय राज्यसभा सांसद एवं संसदीय समिति (परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति) के अध्यक्ष संजय कुमार झा, झंझारपुर के सांसद रामप्रीत मंडल, बाबूबरही विधायक मिना कामत, डी एम आंनद शर्मा, एस पी योगेन्द्र कुमार के साथ ही अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दिप प्रज्वलित कर एवं धार्मिक रिती रिवाज के अनुसार विद्वान पंडितों द्वारा पूजा कर उक्त ऐतिहासिक जगह का उत्खनन कार्य को प्रारंभ किया गया। 09:45 बजे पूर्वाह्न मुख्य अतिथि द्वारा उत्खनन कार्य का विधिवत उद्घाटन के बाद लोगों मे खूशी की लहर देखा जा रहा है।
बलिराजगढ़ का उत्खनन कार्य मिथिला की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक महत्व को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस स्थल से प्राप्त होने वाले पुरातात्विक साक्ष्य न केवल क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को उजागर करेंगे, बल्कि शोध एवं अकादमिक अध्ययन के नए आयाम भी स्थापित करेंगे।
इस पहल से मधुबनी जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, आर्थिक सशक्तिकरण एवं आधारभूत संरचना के विकास को बल मिलेगा। साथ ही, मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान प्राप्त होगी। इस ऐतिहासिक छन को देखने के लिए भाजपा नेता रंधीर खन्ना सहित हजारों लोग उपस्थित थें।

Join us on: