रिपोर्ट – संतोष चौहान!
सुपौल :- आज समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में सच्चिदानंद सुमन, अपर समाहर्ता, सुपौल की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही की समीक्षा बैठक आयोजित की गई l इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के विकास में बैंकों की भागीदारी और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करना था।
- बैंकिंग कामकाज और ऋण वितरण की स्थिति
- वार्षिक ऋण योजना (ACP): जिले में दिसंबर 2025 तक अपने वार्षिक लक्ष्य का 50% (2,30,615 लाख रुपये) प्राप्त कर लिया है।
- सीडी रेशियो (CD Ratio): जिले का औसत सीडी रेशियो 68% रहा है. अपर समाहर्ता महोदय ने IDBI (29%) और PNB (39%) जैसे बैंकों को निर्देश दिया कि वे जमा राशि के अनुपात में ऋण वितरण बढ़ाकर स्थानीय लोगों को अधिक आर्थिक लाभ पहुँचाएं.
- सुधार की आवश्यकता: जिन बैंकों का प्रदर्शन औसत से बहुत कम रहा है, जैसे IDBI (5%), BOM (6%), Canara (16%) और Indian Bank (17%), उन्हें अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने और ऋण वितरण में तेजी लाने को कहा गया है।
- प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्रगति (कृषि और MSME)
- खेती (Agriculture): कृषि क्षेत्र में अब तक 61% उपलब्धि हासिल हुई है। हालांकि, मत्स्य पालन (Fisheries) में प्रगति मात्र 0.27% रहने और अधिकांश बैंकों की उपलब्धि शून्य रहने पर महोदय ने चिंता व्यक्त की.
- पशुपालन (Animal Husbandry): इस क्षेत्र में 20% उपलब्धि रही है, जिसे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया गया है।
- MSME और मुद्रा लोन: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) में 48% लक्ष्य प्राप्त हुआ है। मुद्रा लोन के तहत RSETI द्वारा भेजे गए 319 आवेदन अभी भी लंबित हैं, जिन्हें जल्द स्वीकृत करने का आग्रह किया गया है।
- सरकारी योजनाओं में लंबित आवेदनों (Pendency) का निपटारा
अपर समाहर्ता महोदय ने विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं में लंबित आवेदनों पर कड़ा रुख अपनाया:
- PMEGP: बैंकों के पास कुल 113 आवेदन लंबित हैं, जिसमें सबसे अधिक SBI (68) के पास हैं।
- PMFME: इस योजना में 276 आवेदन लंबित पाए गए, जिन्हें ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।
- डेयरी योजनाएं: गव्य विकास के 161 और जीविका डेयरी के 28 आवेदन लंबित हैं.
विशेष निर्णय: समन्वय और जन-सुविधा
अपर समाहर्ता महोदय के निर्देश पर सभी बैंक अधिकारियों ने आपसी समन्वय (Coordination) के साथ कार्य करने का संकल्प लिया है. बैठक में एक महत्वपूर्ण जन-हितैषी निर्णय लिया गया:
‼️‼️> “सभी बैंकों ने सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की है कि वे प्रत्येक माह के दूसरे सप्ताह में बुधवार के दिन जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर ‘विशेष बैंकिंग कैंप’ का आयोजन करेंगे. इन कैंपों के माध्यम से बैंकिंग योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा और आम नागरिकों को मौके पर ही बैंकिंग सुविधाओं और ऋण का लाभ दिया जाएगा.”‼️‼️
महोदय ने स्पष्ट किया कि लंबित आवेदनों का अगले 15 दिनों में निपटारा सुनिश्चित किया जाए ताकि जिले का विकास बाधित न हो l
उक्त बैठक में वरीय उप समाहर्ता बैंकिंग, सुपौल, मुकेश कुमार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, सुपौल, राजीव कुमार झा, DDM नाबार्ड, सुपौल एवं सभी बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित थे l




