सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन

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रिपोर्ट अनमोल कुमार

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत MSME Development & Facilitation Office (MSME-DFO), पटना द्वारा बिहिया प्रखंड, भोजपुर में बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती मोनालिसा प्रियदर्शिनी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), बिहिया उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में उन्होंने स्थानीय उद्यमियों एवं युवाओं को नवाचार को बढ़ावा देने तथा अपने उत्पादों एवं ब्रांड की कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए IPR पंजीकरण कराने पर बल दिया।

कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र (DIC), भोजपुर से सुश्री श्वेता कुमारी (अधिकारी) अपनी गरिमामयी उपस्थिति के साथ शामिल हुईं। उनके साथ श्री आरविंद जी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने उद्यमियों को PMEGP (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) एवं PMFME (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना) के संबंध में विस्तार से जानकारी दी तथा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

MSME-DFO, पटना से सहायक निदेशक डॉ. श्वेता देवतले ने MSME क्षेत्र में IPR के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट एवं औद्योगिक डिज़ाइन पंजीकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम में माधुबाला कुमारी, BPM बिहिया, श्री अरुण कुमार, एक्सिस बैंक, तथा अन्य गणमान्य अतिथिगण भी उपस्थित रहे। बैंक प्रतिनिधि के रूप में श्री अरुण कुमार ने उद्यमियों को वित्तीय सहायता एवं ऋण सुविधाओं के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया।

IPR विषय पर तकनीकी सत्र रॉबिन विन्सेंट द्वारा लिया गया, जिसमें उन्होंने पेटेंट, ट्रेडमार्क एवं अन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों की आवश्यकता, पंजीकरण प्रक्रिया तथा MSME इकाइयों को मिलने वाले लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वयन अंकेश कुमार (Coordinator) द्वारा किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर क्षेत्र के उद्यमियों, युवाओं एवं स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की तथा IPR एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को नवाचार की सुरक्षा, ब्रांड संरक्षण एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना था, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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