रिपोर्ट – निभाष मोदी!
- किराया देने से इनकार करने लगे यात्री, सुबह नौ बजे se प्रभावित है नाव परिचालन
भागलपुर. बरारी घाट पर सोमवार सुबह नाविकों ने अचानक नाव परिचालन बंद कर कार्य बहिष्कार कर दिया, जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. नाव परिचालन ठप होने से गंगा पार जाने वाले लोग घाट पर इंतजार करते रहे.
सीएम के बयान का हवाला देकर किराया देने से किया इनकार
नाविकों के अनुसार रविवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा था कि बेली ब्रिज चालू होने तक आम लोगों से आवागमन के लिए किसी प्रकार का किराया नहीं लिया जाएगा. सोमवार सुबह से ही कई यात्री मुख्यमंत्री के बयान का हवाला देते हुए नाव का किराया देने से इनकार करने लगे. इस दौरान कुछ लोगों ने नाविकों को खरी-खोटी भी सुनाई.
सुबह पांच बजे से नौ बजे तक चला विवाद
नाविकों का कहना है कि सुबह पांच बजे से नौ बजे तक उन्हें यात्रियों से किराया लेने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. लगातार हो रहे विवाद और किराया नहीं मिलने की स्थिति को देखते हुए सभी नाविक एकजुट हो गए और नाव परिचालन बंद करने का निर्णय लिया.
समझाने पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी
कार्य बहिष्कार की सूचना मिलने पर घाट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने नाविकों को समझाने का प्रयास किया. बाद में सदर एसडीओ विकास कुमार समेत कुछ प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति सामान्य कराने की कोशिश की, लेकिन नाविक अपने निर्णय पर अड़े रहे. स्थानीय लोगों ने भी कहा कि अधिकारियों ने भी सीएम के बयान पर हामी भरी है.
मुनासिब भुगतान मिलने पर ही करेंगे परिचालन
नाविकों ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार या प्रशासन की ओर से उन्हें मुनासिब भुगतान की व्यवस्था की जाती है तो वे निशुल्क सेवा देने को तैयार हैं. उनका कहना है कि नाव परिचालन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और बिना किराया लिए परिवार का भरण-पोषण संभव नहीं है.
घाट पर यात्रियों की लगी रही भीड़
समाचार लिखे जाने तक बरारी घाट पर बड़ी संख्या में यात्री गंगा पार जाने के इंतजार में मौजूद थे. नाव परिचालन बंद रहने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. प्रशासन नाविकों और यात्रियों के बीच बने गतिरोध को समाप्त कराने के प्रयास में जुटा हुआ था.



