:- रवि शंकर अमित!
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश पवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल का प्रेस बयान।
कांग्रेस में सच बोलना बना अपराध, अपने ही वरिष्ठ नेता शकील अहमद असुरक्षित—राहुल गांधी पर सवाल उठाना अब “गुनाह”
पटना। 27 जनवरी 2026
कांग्रेस पार्टी आज जिस मोड़ पर खड़ी है, वह उसके वैचारिक पतन और आंतरिक असहिष्णुता का स्पष्ट प्रमाण है। पार्टी के पुराने, अनुभवी और ज़मीनी नेता शकील अहमद द्वारा राहुल गांधी के नेतृत्व पर सच और तथ्यपरक टिप्पणी क्या की गई, उसी क्षण से उनके विरुद्ध पार्टी के भीतर हमले की साजिश, चरित्रहनन और दबाव की राजनीति शुरू हो गई। यह घटना बताती है कि कांग्रेस में अब विचार नहीं, केवल दरबारी संस्कृति शेष रह गई है।
सच सुनने की हिम्मत के बजाय कांग्रेस के भीतर आज स्थिति यह है कि जो नेता जमीनी सच्चाइयों की बात करता है, उसे “अनुशासनहीन” करार दे दिया जाता है। राहुल गांधी पर सवाल उठाना पार्टी के भीतर भी निषिद्ध कर दिया गया है। यह लोकतांत्रिक दल की पहचान नहीं, बल्कि व्यक्तिपूजा और भय की राजनीति का लक्षण है।
अपने ही नेता से खतरा कांग्रेस की त्रासदी। शकील अहमद जैसे वरिष्ठ नेता को अपनी ही पार्टी से खतरा महसूस होना, कांग्रेस की नैतिक और संगठनात्मक विफलता को उजागर करता है। जहां मतभेदों का सम्मान होना चाहिए था, वहां दमन, धमकी और बदनाम करने की मुहिम चलाई जा रही है।
नेतृत्व पर सवाल उठाना कॉंग्रेस में अब देशद्रोह? राहुल गांधी के नेतृत्व में लगातार चुनावी पराजयों के बावजूद, आत्ममंथन के बजाय सवाल उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। क्या कांग्रेस में अब यह तय हो गया है कि नेतृत्व पर प्रश्न उठाना देशद्रोह के बराबर है? यह सोच पार्टी को और गर्त में ले जाएगी।
पार्टी के भीतर लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। वरिष्ठ नेताओं का अनुभव अपमानित और हाशिए पर डाला जा रहा है। संगठन कैडरविहीन और विचारविहीन होता जा रहा है। जनता के मुद्दों से ध्यान हटाकर आंतरिक दमन को प्राथमिकता दी जा रही है।
कांग्रेस की यही नियति बन चुकी है, जहां सच बोलना अपराध है, और नेतृत्व पर सवाल उठाना पाप। यदि पार्टी समय रहते आंतरिक लोकतंत्र बहाल नहीं करती, तो ऐसे और भी शकील अहमद अपने ही घर में असुरक्षित होते जाएंगे। कांग्रेस अब विचारों की पार्टी नहीं दरबारी की पार्टी हो गयी ।
_ प्रेम रंजन पटेल
प्रदेश प्रवक्ता भाजपा



