:- रवि शंकर अमित/गोविंद कुमार!
बाढ़ अनुमंडल के पंडारक प्रखंड अंतर्गत फसल क्षति का अनुमंडलीय कृषि पदाधिकारी विभा कुमारी ने लिया जायजा । इस दौरान उन्होंने कई पंचायत के कृषि समन्वयक और कृषि सलाहकार को फटकार भी लगाई। दरअसल पंडारक प्रखंड के पन्द्रह पंचायत में से किसी भी पंचायत को फसल आधारित बाढ़ प्रभावित घोषित नही किया गया। जिसको लेकर बिहारी बिगहा पंचायत के किसानों ने अनुमंडल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना दिया था और पदाधिकारियों को आवेदन दिया गया।
किसान धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि किसान सलाहकार या किसान समन्वय के द्वारा किसानों से कोई बातचीत नहीं की जाती है और वह क्षेत्र में भी नही पहुंचती है। बिहारी बीघा के किसान समन्वयक रेशमा खातून ने धान की फसल का कोई जायजा नहीं लिया और ऑफिस से ही रिपोर्ट बनाकर विभाग को भेज दिया है। अगर उन्हें मुआवजा नहीं मिलता है तो जिस तरह सैकड़ो लोगों ने अनुमंडल परिसर में धरना दिया वैसे ही जिला पदाधिकारी के समक्ष धरना देंगे।
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी विभा कुमारी ने बताया कि बिहारी बीघा पंचायत में 80 से 90% धान की फसल बर्बाद हो गई है। ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के द्वारा फसल क्षती की रिपोर्ट भेजी जाती है पूरे प्रखंड के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर की लापरवाही सामने आई है। एसडीएम चंदन कुमार ने जांच कर इसकी रिपोर्ट उनसे मांगी थी उन्होंने प्रखंड के विभिन्न पंचायत का निरीक्षण किया है जिसकी पुनः रिपोर्ट बना कर विभाग को भेजेंगे। कुछ पंचायत का सोमवार को निरीक्षण किया जाएगा। जिन पंचायत में फसल क्षति का मुआवजा नहीं मिला है उन्हें फेज टू में मिलने की संभावना है इसके लिए वह विभाग से बात करेंगी।
बाइट – विभा कुमारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी
बाइट – स्थानीय किसान




