अविनाश कुमार की रिपोर्ट

बिहार में नगर निकाय कर्मियों का लगातार प्रदर्शन जारी है। इस कड़ी में सीतामढ़ी जिला में भी निकाय कर्मी लगातार चौथा दिन भी प्रदर्शन कर रहे है। आपको बता दे कि इन लोगों ने 12 सूत्री माँगो को लेकर हड़ताल किया है। इसमें दैनिक मजदूरों को स्थायी रूप से रखने को लेकर मांग किया जा रहा है।अगली मांग उनलोगों के वेतन को बढ़ाकर 18000/- करने की भी मांग है। आपको बता दे कि नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव के साथ वार्ता विफल होने के बाद से हड़ताल पर जाना तय हो गया था। बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह ने यह एलान कर दिया था कि नगर निकायों के सभी कर्मचारी दिनांक- 07.09.2021 यानी मंगलवार से हड़ताल पर जाएंगे, और तभी से लगातार अनिश्चित कालीन हड़ताल कर रहे है।आपको ये भी जानकरीं दे कि निकाय कार्मियों ने 12 सूत्री मांग रखी हैं, इसमें ग्रुप डी पद को पुनर्जीवित करने कि मांग सबसे बड़ी है। इसके अलावा मुख्य माँगो में 10 वर्षों की सेवा पूरी करने वाले दैनिक मजदूरो के नियमितीकरण, इससे पहले दैनिक कर्मचारियों को समान काम के लिये समान वेतन या न्यूनतम 18 हज़ार व 21 हज़ार के वेतनमान सुनिश्चित करना भी शामिल है।यहाँ ये भी बता दे कि जो कर्मी हड़ताल पे गये है उनका ये भी कहना है कि उनका मंसा आम पब्लिक लोगों को परेशान करने का नही है, लेकिन वो लोग भी मजबूर है। सरकार को इन लोगो के साथ बैठकर वर्ता करने कि जरूरत हैं, लेकिन ये तो सरकार पर ही निर्भर करती है कि वो इन लोगों कि कौन-कौन सी मांगों को पूरा करते है। आपको ये भी बता दे कि कुछ दिनों पहले भी ये लोग हड़ताल पर चले गए थे, तब सरकार ने ये आश्वाशन दिया था कि वे लोग इस पर विचार करेंगे।सीतामढ़ी निकाय कर्मियो या देखे तो पूरे बिहार के निकाय कर्मियों इस बार मांग को लेकर उग्र भी दिख रहे है। पूरा शहर कचरा से भर से गया है। इस कोरोना काल में कही और बीमारी न बढ़ जाये इस लिए सरकार को जल्द से जल्द कुछ करने या इन लोगों से वार्ता करने कि जरूरत है।




