:-रवि शंकर अमित!
भाजपा प्रदेश कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जन्मशताब्दी समारोह आयोजित, किया गया नमन, दी गई श्रद्धांजलि
श्रद्धेय वाजपेयी जी की कृति और कृतित्व पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी, काव्यांजलि का भी किया गया आयोजन
अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भारतीय राजनीति में उच्च आदर्शों, सादगी और नैतिक मूल्यों को स्थापित किया :डॉ. दिलीप जायसवाल
श्रद्धेय वाजपेयी के ‘राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, मनभेद नहीं’ मंत्र ने लोकतंत्र की गरिमा को बढ़ाया : डॉ. दिलीप जायसवाल
श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के भविष्य की चिंता की : सम्राट चौधरी
श्रद्धेय वाजपेयी ने राजनीति में अमिट छाप छोड़ी : विजय सिन्हा
पटना, 25 दिसंबर। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के मौके पर अटल बिहार जन्मशताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री को नमन किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस समारोह में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह बिहार के राजस्व और भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमन्त्री विजय कुमार सिन्हा, पटना के सांसद रविशंकर प्रसाद, संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया,मंत्री हरि सहनी सहित कई वरिष्ठ लोगों ने भाग लिया। समारोह की शुरुआत में श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस के उपरांत दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की शुरुआत की गई।
इस मौके पर भाजपा अध्यक्ष डॉ. जायसवाल ने कहा कि 25 दिसंबर का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। यह दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के रूप में मनाया जाता है। अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन, उनकी विचारधारा और उनकी नेतृत्व क्षमता न केवल भारतीय जनता पार्टी बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
इस अवसर पर डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा , “अटल बिहारी वजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक युगदृष्टा थे। उन्होंने भारतीय राजनीति में उच्च आदर्शों, सादगी और नैतिक मूल्यों को स्थापित किया। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कैसे कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मकता और धैर्य के साथ राष्ट्र सेवा की जा सकती है।”
पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनका शासनकाल विकास और सुशासन के प्रतीक रहा। उनके प्रधानमंत्रित्व काल में भारत ने परमाणु शक्ति के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की। पोखरण परमाणु परीक्षणों के माध्यम से उन्होंने भारत को विश्व मानचित्र पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को संवाद और सहमति के कुशल चैंपियन बताते हुए भाजपा अध्यक्ष डॉ. जायसवाल ने कहा, ‘राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, मनभेद नहीं’ पूर्व प्रधानमंत्री के इस मंत्र ने लोकतंत्र की गरिमा को बढ़ाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी नीतियां सही अर्थों में युवाओं और किसानों के प्रति समर्पण की रही। उन्होंने कहा, “अटल जी की नीतियां युवाओं और किसानों के उत्थान के लिए समर्पित थीं। उन्होंने ग्रामीण विकास, कनेक्टिविटी, और शिक्षा के क्षेत्र में कई क्रांतिकारी कदम उठाए।”
भाजपा अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान करते हुए कहा कि वाजपेयी ने युवाओं को देश का भविष्य माना। उनकी जयंती पर हम संकल्प लें कि उनकी शिक्षाओं और आदर्शों को आत्मसात करेंगे। उनके सपनों का आत्मनिर्भर और सशक्त भारत बनाने में अपना योगदान देंगे।”
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी न केवल एक कुशल नेता थे, बल्कि एक कवि, लेखक और संवेदनशील हृदय वाले व्यक्ति भी थे। उनकी कविताएं और लेखन हमें जीवन के मूल्यों और समाज की सच्चाई का बोध कराते हैं।
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के आने वाले भविष्य की चिंता की थी। उन्होंने अपना संस्मरण सुनाते हुए कहा कि 2000 में मैं अटल बिहारी वाजपेयी से मिला था, वह एक अनोखा घटनाक्रम है, जिसे ताउम्र मैं नहीं भूल सकता। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह सोचने की बात है कि एक विरोधी दल का नेता होते हुए भी विदेश में भारत की बात रखता हो। आज स्वरूप बदल गया है। उन्होंने वाजपेयी को भारत के निर्माण के नींव रखने वाला बताते हुए कहा कि उन्होंने गरीब की चिंता की।
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा को वाजपेयी ने राजनीति में अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने देश को बताया कि राजनीति अवसरवाद को जगह नहीं है। राजनीति आस्था का केंद्र है जो अपनी अडिगता और संकल्प को पूरा करने का एक बड़ा मार्ग है। उन्होंने बताया कि वे कार्यकर्ताओं को भी सरल शब्दों में प्रेरणा देते थे। उन्होंने कहा कि वे एक कुशल रणनीतिकार ही नहीं प्रखर वक्ता थे।
अटल बिहारी जन्मशताब्दी समारोह के संयोजक और प्रदेश महामंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी करोड़ों कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि उनका बिहार के प्रति अगाध प्रेम था। वे बिहार के लोगों को यह अक्सर कहा करते थे कि आप सभी बिहारी हैं लेकिन मैं अटल बिहारी हूं।
इस समारोह का संचालन लालगंज के विधायक संजय सिंह ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन रीता शर्मा ने किया।
इस मौके पर अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के कार्यकर्ताओ को प्रतीक चिन्ह, शाॅल और बुके देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, जहानाबाद के मोहन राम, नौबतपुर के अनिल सिंह, बिहटा के कुमोद किशोर पांडेय, अविलानन्द सिंह, मसौढ़ी के पूर्व विधायक रामदेव प्रसाद, भाजपा कार्यालय के सुरेंद्र तिवारी और युगल किशोर पांडेय शामिल हैं।
इस मौके पर मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल, सह मीडिया प्रभारी प्रभात मालाकार, अमित प्रकाश बबलू,प्रवक्ता अरविंद सिंह, पीयूष शर्मा भी उपस्थित रहे।
अटल जी के संगठन मे किये गये कार्य और प्रधानमंत्रित्व काल मे किये गये कार्य के साथ- साथ उनकी रचनाओं और कविताओं को लेकर प्रदेश कार्यालय, अटल सभागार मे फोटो प्रदर्शनी लगाई गई। इसका उद्घाटन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ दिलीप जायसवाल,उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, और विधायक नितिन नवीन ने किया।




