रिपोर्ट- अमित कुमार
- “राबड़ी देवी का बड़ा बयान: कानून वापस नहीं हुआ तो बिहार समेत देशभर में करेंगे आंदोलन”
- “अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर प्रहार का आरोप, RJD ने केंद्र सरकार को घेरा”
- “भाजपा सरकार पर हमलावर RJD, कानून के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का ऐलान”
एंकर:
बिहार विधान मंडल के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन में हंगामे के बीच बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और RJD एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। राबड़ी देवी ने विवादित कानून को अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो बिहार समेत पूरे देश में आंदोलन किया जाएगा। वहीं, अब्दुल बारी सिद्दीकी ने इस कानून को अल्पसंख्यकों के खिलाफ साजिश करार दिया और कहा कि इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विस्तार से खबर:
बिहार विधान मंडल के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्रवाई भारी हंगामे के बीच शुरू हुई। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही है। यह कानून उनकी संपत्ति और अधिकारों पर हमला है। अगर यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो राष्ट्रीय जनता दल बिहार से लेकर देशभर में आंदोलन करेगा। अल्पसंख्यक समुदाय को इसे समझना होगा और इसके खिलाफ खड़ा होना होगा।”
राष्ट्रीय जनता दल के एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी ने भी इस कानून की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, “यह कानून अल्पसंख्यकों पर सीधा प्रहार है। भाजपा सरकार धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रही है। हम इस कानून का हर स्तर पर विरोध करेंगे। जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाएगा, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।”
सिद्दीकी ने आगे कहा, “हमारी पार्टी का रुख स्पष्ट है। हम लोकसभा में भी इस कानून को रिजेक्ट कर चुके हैं और अब इसे जमीन पर आंदोलन के जरिए चुनौती देंगे। अल्पसंख्यक समुदाय को संगठित होकर इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।”
बाइट:
- “कानून वापस नहीं हुआ तो बिहार से लेकर देशभर में आंदोलन करेंगे।”
- राबड़ी देवी, पूर्व मुख्यमंत्री
- “यह कानून अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला है, इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।”
- अब्दुल बारी सिद्दीकी, RJD एमएलसी
निष्कर्ष:
राबड़ी देवी और अब्दुल बारी सिद्दीकी के बयान से यह स्पष्ट है कि राष्ट्रीय जनता दल इस कानून को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा आंदोलन छेड़ने की तैयारी में है। RJD ने इसे धर्मनिरपेक्षता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बताते हुए कानून को वापस लेने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि यह मुद्दा बिहार और देश की सियासत में कितना उबाल लाता है।




