रिपोर्ट- अमित कुमार!
“बिहार की सियासत में हलचल मच गई है। राष्ट्रीय जनता दल के विधायक और जदयू-एनडीए को समर्थन करने वाले चेतन आनंद ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर सीधा निशाना साधा है। चेतन आनंद ने चिराग की राजनीतिक निष्ठा और उनके गठबंधन के प्रति वफादारी पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने चिराग से यह साफ करने को कहा है कि आखिर वह एनडीए के साथ हैं या इंडिया गठबंधन की ओर झुकाव रखते हैं। चलिए, आपको बताते हैं चेतन आनंद ने क्या कहा और उनके इस बयान के क्या मायने हो सकते हैं।”
खबर (विस्तार से):
राष्ट्रीय जनता दल के विधायक चेतन आनंद ने चिराग पासवान पर सबसे बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि अगर वह एनडीए के साथ हैं, तो उन्हें इसे साबित करना होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि चिराग इमामगंज में इंडिया गठबंधन के प्रचार में क्यों नहीं गए। चेतन आनंद ने कहा, “हमने चिराग पासवान को तीन बार बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। यह कहीं न कहीं यह साबित करता है कि उन्हें यह तय करना है कि वे इंडिया गठबंधन में हैं या एनडीए के साथ।”
चेतन आनंद ने चिराग पासवान पर तीखा बयान देते हुए कहा, “अगर आप राजनीति में हैं, तो हिम्मत से मुकाबला कीजिए। चिराग को ‘पिक एंड चूज’ की राजनीति छोड़नी होगी और यह स्पष्ट करना होगा कि वह किस गठबंधन का हिस्सा हैं।”
उन्होंने यह भी कहा, “चिराग पासवान को अपनी निष्ठा तय करनी चाहिए और सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए कि वह किस ओर हैं। राजनीति में छिपने और भ्रम फैलाने से काम नहीं चलेगा।”
विश्लेषण:
चेतन आनंद का यह बयान बिहार की सियासत में नए समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है। यह साफ है कि चिराग पासवान को लेकर एनडीए के अंदर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि चिराग पासवान इस तीखे हमले का क्या जवाब देते हैं और बिहार की सियासत किस दिशा में आगे बढ़ती है।




