रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!
सम्पूर्ण मधुबनी जिले के चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा कार्य वहिष्कार कर आन्दोलन प्रारंभ कर दिए जाने से चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सभी स्वास्थ्य कर्मी को कार्यपालक निदेशक , राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के द्वारा 9 से 5 फेस अटेंडेंस बनाने को लेकर आदेश पारित किया गया है। जबकि अभी तक स्वास्थ्य कर्मी की मूलभूत समस्याओ का समाधान नही किया गया है। अपने मांगों के समर्थन में बेनीपट्टी के सभी एनएचएम स्वास्थ्य कर्मी बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थय कर्मचारी संघ के आवाहन पर और संगठन के बैनर तले 22 जुलाई से अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार पर है। अपने 10 सूत्री मांगो के समर्थन में स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी किया । इस आंदोलन में सभी एनएचएम, स्वास्थ्य कर्मी के कार्य बहिष्कार पर चले जाने से सभी स्वास्थ्य उपकेंद्र हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आम लोग को स्वास्थ्य सुविधा बाधित हो गई है। लोगो को इलाज के लिए अब शहर की तरफ जाना पर रहा है।
स्वास्थ्य कर्मी द्वारा बताया गया की गांव के स्वास्थ्य उपकेंद्र पर नेटवर्क नहीं रहता है। तो ऑनलाइन अटेंडेंस केसे बनायेगे। इस हालत में अक्सर अटेंडेंस नहीं बनने के कारण वेतन में कटौती होगी। स्वास्थ्य उपकेंद्र हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर गांव में अवस्थित है। जहा पर आने जाने का साधन सही से नहीं मिल पाता है। बहुत इंतजार के बाद ऑटो या अन्य वाहन मिल पाता है। वो भी रिजर्व करना परता है। जिससे आने जाने में परेशानी होती है। चाहते हुए भी स्वास्थ्य कर्मी समय से सेंटर नही पहुंच पाते है। जिसे देखते हुए पीएचसी प्रशासन के द्वारा यातायात का साधन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। टीकाकरण के लिए एएनएम दीदी को गांव गांव समुदाय में 3 या 4 किलोमीटर पैदल चल के जाना होता है। स्वास्थ्य कर्मी द्वारा बताया गया की एनएचएम कर्मी को आवासीय सुविधा का लाभ मिलना चाहिए। ताकि दूसरे जिला और राज्य के कर्मी अपने सेंटर पर आवासीत होकर कार्य कर सके। गांव में अवस्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र पर सी एच ओ या एएनएम अकेले ही 9 से 5 बजे तक कार्य करते है। मानव संसाधन की कमी की वजह से सुरक्षा का अभाव हमेशा बना रहता है। इसलिए सुरक्षा कर्मी का व्यवस्था किया जाना चाहिए। कार्य बहिष्कार स्थल पर नीतीश कुमार और मंगल पांडे का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। वही अपने मुख्य चार मांगों मे चार माह का वेतन भुगतान अविलम्ब किया जाए ।
सी एच ओ कैडर बना कर नियमित करते हुए बिना शर्त राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए।
एफ आर ए एस जैसा अव्यवहारिक एवं अविवेकपूर्ण आदेश वापस लिया जाए।
स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर मूल भूत सुविधाओं जैसे कि बिजली , पानी , सौचालय के साथ महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जाए। जैसे मांगों के समर्थन में आंदोलन कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों ने जोरदार नारेबाजी किया गया।




