सत्य बोलने में कठिनाई बहुत पर जानें 10 फायदे!

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प्रस्तुति अनमोल कुमार

1 सच- सत्य बोलने से आपको अपनी शक्तियों व कमियों की पहचान होती है। सत्य दिखावे तथा झूठे कार्य करने से आप, अपनी शक्तियों का सही आंकलन नहीं कर पाते, इस वजह से, एक व्यक्ति के तौर पर ज्यादा प्रगति नहीं कर पाते

2 सत्य बोलने से अपनेआप में आत्मविश्वास का निर्माण होता है। सच बोलने की आदत आसान कार्य नहीं हैं, ऐसा करने से आप डर को जीत लेते हो

3 सत्य बोलने से हमें शांति मिलती है, क्योंकि झूठ बोलने से हमारी अंतरात्मा हमें कचोटती रहती है।आदमी अपने आप से तो भाग नहीं सकता है

4 सत्य बोलने की आदत से सामने वाला व्यक्ति आप पर भरोसा करता है, मुसीबत के वक्त यही विश्वास काम आता है

5 सत्य बोलने से आप निडर बनते जायेंगे, जीवन में डर को जीतना एक आवश्यक जीवन कौशल है। सच बोलने से अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा पर सच्चाई की ताकत आपको मजबूत बनायेगी

6 असत्य की राह से जुड़ने पर कुछ समय के लिए सफलता मिलेगी पर वह क्षणिक ही होगी, इसके कई उदाहरण भी दिख रहे है आज के युग में

7 जिन लोगों ने सत्य का पालन पूरी निष्ठा से किया ऐसे लोगों ने कई नायाब कामों से बड़ी जंग को जीता

8 सत्यम शिवम् सुंदरम” सत्य बोलने से आप बार-बार झूठ बोलने से बच जायेंगे। कहावत भी है की ” एक झूठ को बचाने के लिए सौ झूठ और बोलने पड़ते हैं “।

9 “ सत्यमेव जयतेआखिर हमेशा सच की विजय होती है, राजा हरिश्चंद्र ने अनेक मुश्किलें झेली पर सत्य की राह नहीं छोड़ी,देवताओं द्वारा कठिन परीक्षा में सफल होकर “सत्यवादी हरिश्चंद्र” कहलाये

10 सत्य बोलने से आपको, अपने आप को पहचानने में सहायता मिलेगी, आगे चलकर अपने गुणों को पहचान कर अपने लिए जीवन में उचित मार्ग ढूंढ सकते हैं। यद्यपि सत्य बोलने की आदत बनाना आसान नहीं, पर इसकी प्रैक्टिस करके हम इसे जीवन का अंग बना सकते हैं। इसकी शुरुवात कैसे करें? हम शुरुवात में तीन से चार महीने सिर्फ सच बोलेंगे यह प्रण लें,इस दौरान यह बात भी याद रखना है की बढ़ा चढ़ा कर बोलना भी असत्य है। हमे सत्य के करीब रहने की कोशिश करनी होगी। इस दौरान हुए अनुभव से हमें सत्य का पालन जीवनभर करने के लिए बल मिलेगा

प्रस्तुति अनमोल कुमार

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