रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
पोस्को एक्ट में न्यायालय ने नाबालिक दुष्कर्म मामले में दोषी मानकर चार को सुनाई उम्र कैद की सजा
सजा पाए चारों को 25– 25 हजार का लगाया जुर्माना
ऐंकर– मधुबनी सिविल कोर्ट में पोस्को एक्ट के तहत मंगलवार को बहस के दौरान एडीजे 7 दिवेश कुमार की कोर्ट ने नाबालिक लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में चार अभियुक्त को दोषी करार देते हुए एडीजे 7 दिवेश कुमार ने उम्र कैद की सजा सुनाई है।
वही एडीजे 7 दिवेश कुमार ने उम्र कैद की सजा सुनाने के साथ ही हर एक अभियुक्त के ऊपर 25 -25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इसकी सूचना एडवोकेट अजय झा यश ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला के हरलाखी थाना क्षेत्र में 5-9-22 की रात्रि में नाबालिक लड़की अपने घर से कसेरा गांव मेला देखने गई हुई थी, पीड़ित लड़की शैच के लिए मेला से बाहर निकली तो तीन से चार लड़कों ने उसे पकड़कर उसके साथ बारी बारी से दुष्कर्म किया।
पीड़ित नाबालिक लड़की के साथ हुए दुष्कर्म मामले में हरलाखी थाना में दर्ज प्राथमिकी संख्या 273/22, धारा 376(D) के तहत एडीजे 7 ने चार अभियुक्त मोहम्मद जफर अंसारी, मोहम्मद जिबरील उर्फ सोनू, मोहम्मद अहमद,अख्तर अंसारी को दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है।
पीड़ित लड़की ने थाना में दर्ज प्राथमिकी में बताई थी कि 5 सितंबर 2022 की रात्रि को वे अपने भाई की लड़की के साथ अपने घर से निकलकर कसेरा गांव मेला देखने के लिए गई, मेला देखने के दौरान शौच के लिए जब मेला से बाहर निकलकर पास के स्कूल के तरफ जाने लगी तभी बीच रास्ते में तीन से चार लड़का उसे पकड़ लिया और स्कूल के छत पर ले जाकर बारी बारी से सबों ने बल पूर्वक उसके साथ दुष्कर्म करने लगा। मेरे चिल्लाने की आवाज सुनकर मेला देखने आए हुए कुछ लोग आवाज के दिशा मे स्कूल के तरफ दौड़े। लोगो को स्कूल के तरफ आते देख तीनों चारो लड़के उसे छोड़कर भागने लगा,लोगो ने नाबालिक लड़की के साथ दुष्कर्म कर भाग रहे में से एक लड़का मोहम्मद जफर अंसारी को पकड़ लिया। वही पूरे मामले की सूचना पीड़ित नाबालिक लड़की के परिजनों को दिया गया, सूचना पाते ही पीड़ित नाबालिक लड़की के परिजन वहां पहुंचकर पीड़ित लड़की और लोगो के द्वारा पकड़े गए लड़के को परिजन अपने साथ लेकर घर पहुंचा। अगले दिन पीड़ित नाबालिक लड़की के मां के द्वारा हरलाखी थाना को सूचना दिया गया और थाना में लिखित आवेदन देकर पकड़े गए अभियुक्त को पुलिस को कानूनी कार्रवाई के लिए सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने प्राप्त आवेदन और दुष्कर्म पिरीत नाबालिग के बयान पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार दुष्कर्मी को न्यायिक हिरासत मे भेज दिया था। न्यायालय ने दर्ज मामले को लेकर सुनबाई के दौरान चारों दुष्कर्मी को दोषी मानते हुए ये सजा सुनाई है।




