रिपोर्ट- अमित कुमार!
वीआईपी पार्टी के वेबसाइट एवं फेसबुक पर एक फोटो अपलोड करके दिखाया गया है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वीआईपी पार्टी ज्वाइन किए
कोई भी पार्टी के पार्टी अपने नीति और क्रियाकलापों के आधार पर चलता है
लेकिन वर्तमान समय में कुछ दिन पहले वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव मिश्रा और पूर्व में वीआईपी के साथ देने वाले अशोक चौहान यह दोनों हमारे प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में विप पार्टी को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में अपने आस्था को आस्था जताते हुए पार्टी में ज्वाइन किया
इससे बौखला कर वीआईपी सुप्रीम में कोई ना कोई गलत कदम उठा लेते रहते हैं
संगठन अपने लक्ष्य से जब दिशा विहीन हो जाता है तो फिर अपने समाज क्या अपने प्रांत अपने देश को भी नुकसान पहुंचा देता है
वही स्थिति अभी वीआईपी सुप्रीमो का हो गया है
जो अपने पार्टी के संस्थापक सदस्यों का ना हो सका तो फिर अपने समाज अपने प्रांत का वह क्या भला कर पाएगा
सुशील परसों ही उनका निधन हुआ उन पर भी उनका ऐसा ऐसा टिप्पणी आया है जो बड़ा ही दुखद है
शायद अपने कद को ना ध्यान में रखते हुए और जिनके साथ गए हैं जो कल तक उन्हें कहते थे उनके बारे में कि हमारे पीठ में खंजर मार हैं
आज वह जो कुछ बोलते हैं तो उन्हीं का सुनकर के उसका परिणाम का भी ध्यान नहीं रखते हैं
व्यापार सत्ता को जिसने समझा है निषाद राज नहीं करेंगे उनकी नैया पार
आम लोगों के मन में यह बातें आता है कि वह व्यापार समझकर यह राजनीति कर रहे हैं और राजनीतिक व्यापार की चीज नहीं है
कुछ भी जो भी इन्हें मिला वह सब बीजेपी पार्टी के द्वारा इनको मिला
निषाद समाज को यदि कुछ मिला है तो भारतीय जनता पार्टी के द्वारा और आगे भी कुछ मिलेगा तो भारतीय जनता पार्टी के द्वारा ही मिलेगा
यह विश्वास हम अपने समाज को भी जताता हूं




