अयोध्या से चली जानकी ज्योति जागृति यात्रा मधुबनी पहुँची!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा

अयोध्या से प्रारंभ जानकी ज्योति जागृति यात्रा 21वें दिवस को अहिल्या स्थान दरभंगा से चलकर विद्यापति के गांव बिस्फी, मधुबनी जिले के कपिलेश्वर स्थान होते हुए रहिका में बाबा विद्यापति चौक से सौराठ पहुंची, यात्रा में बड़ी संख्या में लोग हो रहे है सम्मिलित।

मैथिली भाषा के विख्यात कवि विद्यापति के गांव बिस्फी में जानकी ज्योति जागृति यात्रा का संकल्प दीप लेकर जनजागृति मंच दिल्ली के कार्यकर्ता पहुँचे। यात्रियों का स्वागत करते हुए पूर्व प्राचार्य शिवशंकर राय ने यात्रा में सामिल लोगों को विद्यापति से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक स्थानों का दर्शन कराते हुए अनेक महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी।

इस क्रम में विद्यापति पूजित उनकी कुल देवी का पिण्डी रूप में दर्शन कराते हुए स्थानीय कवि मंच के उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र झा ने बताया कि विद्यापति जिस गंगाजल से पूजन किया करते थे वह आज भी सावन महीने में 15 दिनों के लिए गर्भगृह में प्रतिवर्ष प्रकट होता है और कुलदेवी माता सहित भोलेनाथ 15 दिनों के लिए जल शयन ले लेते हैं। ये जल शुद्ध गंगाजल होता है। जिसे बोतल में भर लिया जाता है। इस जल में कीड़े नहीं पडते और यह वर्षो तक खराब नहीं होता है।

इस अवसर पर एक लोक सम्पर्क सभा स्थानीय मां बिश्वेशवरी मन्दिर में आयोजित हुई जिसमे अनेक वक्ताओं ने एक स्वर से मांग उठायी की सीताजी के प्राकट्य स्थान पुनौराधाम में मिथिला की बेटी सीताजी का भव्य मन्दिर बनना चाहिए और सीतामढ़ी क्षेत्र का अयोध्या की तरह विकास होना चाहिए।
इस अवसर पर लोक सम्पर्क सभा को संबोधित करते हुए जनजागृति मंच दिल्ली के अध्यक्ष के एन झा ने कहा कि जिस तरह अयोध्या में श्रीराम की जन्मभूमि है उसी तरह सीतामढ़ी का पुनौराधाम बिहार में सीतामाता का प्राकट्य धाम है। हमें अपने जीवन में बार बार इन दोनों स्थान की यात्रा करनी चाहिए।

इस अवसर पर वक्ताओं ने अवध और मिथिला के बीच त्रेतायुगीन मैत्रीपूर्ण संबंधों को प्रगाढ बनाने के साथ सीता माता के बालस्वरूप वाला भव्य मन्दिर पुनौराधाम में निर्माण के लिए अभियान आरंभ करने का जोरदार समर्थन किया।

इसके बाद यात्रा मिथिला के प्रसिद्ध तीर्थ मधुबनी जिला स्थित कपिलेश्वर स्थान पहुँची जहां गाजे बाजे के साथ मंदिर परिसर मे एक लोक सम्पर्क सभा आयोजित हुई जिसमें महाशिवरात्रि पर आये भक्तो की भीड को संबोधित करते हुए आनन्द झा ने लोगों से दोनो हाथ उठाकर संकल्प दिलाया कि वे अपने परिवार के साथ सीता माता के प्राकट्य स्थल पुनौराधाम 13 मार्च को आयेंगे।

जानकी ज्योति यात्रा में जनजागृति मंच दिल्ली के अध्यक्ष के एन झा, सतीश चौहान, भारत भूषण बारी, नन्द किशोर महतो, डिलन सिंह, ललन मिश्र, किशन , मनोज पाठक, राणा, अरुण पंजियार मनोज झा और अन्य लोग कपिलेश्वर स्थान की सभा में सम्मिलित हुए।

इसके बाद यात्री आगे चलते हुए रहिका में बाबा विद्यापति चौक पहुंची जहां मैथिल मंच रहिका के सचिव प्रोफेसर शीतलाम्बर झा के नेतृत्व में यात्रियों ने विद्यापति को पुष्प माला अर्पित किया। जहां बड़ी तादाद में लोग समर्पित दिखे।
फिर यात्रा अगे सौराठ पहुंची जहां बाबा माधवेश्र्वर नाथ मंदिर में यात्रियों ने पूजा अर्चना की।

बताते चलें कि 17 फरवरी 2024 को अयोध्या श्रीराम मन्दिर से आरंभ हुई यह यात्रा 13 मार्च 2024 को पुनौराधाम सीतामढ़ी में संपन्न होगी जबकि आज का रात्रि विश्राम मधुबनी जिले के सौराठ में हुई और कल यात्रा मिथिला के प्रसिद्ध शक्ति पीठ उच्चैठ स्थान पहुँचेगी।

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