बेल्ट्रॉन के हाथों सौंपने को लेकर कार्यपालक सहायकों ने किया प्रदर्शन!

SHARE:

ऋषिकेश कुमार

नालंदा जिले में कार्यपालक सहायकों की नौकरी का विवाद हमेशा रहा है। शुरू से ही नालंदा जिले में पदस्थापना से लेकर वेतनमान की वृद्धि तक विवादों से घिरा रहा है। अब फिर से नालंदा जिले के सभी प्रखंडों के 312 कार्यपालक सहायकों की नौकरी पर संकट गहराने लगा है। गौरतलब है कि संविदा पर आयोजित सभी 312 कार्यपालक सहायक को बेल्ट्रॉन के माध्यम से दक्षता परीक्षा लिए जाने का फरमान जारी कर दिया गया है,हालांकि बेल्ट्रॉन के द्वारा जारी किए गए दक्षता परीक्षा का सभी 312 कार्यपालक सहायकों ने बहिष्कार किया है। सभी कार्यपालक सहायको ने दक्षता परीक्षा का बहिष्कार करते हुए बिहारशरीफ प्रखण्ड के गोप गुट कार्यालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कार्यपालक सहायकों ने बताया के हम लोगों का नियोजन जिला स्तरीय पैनल के माध्यम से हुआ है। कार्यपालक सहायक का पद 15 साल पूर्व में ही सृजित किया गया था। हम लोगों का 20 माह कार्यपालक सहायक के पद पर पदस्थापित को हो गए हैं। अब अचानक हम लोगों का दक्षता परीक्षा लिया जा रहा है। जबकि जो 15 साल पूर्व में कार्यपालक सहायक पद पर बने हैं उनके लिए उनके लिए दक्षता परीक्षा क्यों नहीं है। तो एक ही पद के लिए दो मापदंड कैसे हो सकता है। यह सरकार का दोहरी नीति है। अगर दक्षता परीक्षा में कार्यपालक सहायक पास होते हैं तभी उन्हें नौकरी में बने रहने की सहूलियत होगी। अगर पास नहीं होते हैं तो उन्हें बीच में ही नौकरी से निकाल दिया जाएगा। जबकि पूर्व के लिए इस तरह का कोई नहीं है हम लोगों को 20 माह काम करने के बाद जबरदस्ती बेल्ट्रॉन में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए दक्षता परीक्षा के नाम पर हमलोगों का शोषण और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा हैं,इसलिए हम सभी कार्यपालक सहायकों की एक ही मांग है कि सरकार अभिलम्ब दक्षता परीक्षा को रद्द करें। अन्यथा विवश होकर सभी कार्यपालक सहायक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। आंदोलन के दौरान विधि व्यवस्था जन उपयोगी सेवाओं के बाधित होने की सारी जवाबदेही बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के पदाधिकारियों की होगी।

Join us on:

Leave a Comment