रिपोर्ट -राजीव कुमार झा!
– मधुबनी जिले में किस्म किस्म के नामों से शहर से लेकर जिले भर मे बैद्ध अबैद्ध अस्पतालों का संचालन बेरोक टोक किए जाते रहने से लोगों को इस का किमत मोटे रकम से लेकर अपना जान दे दे कर चुकानी पड़ रही है। ऐसे ही एक मामला डॉक्टर की लापरवाही के कारण गर्भवती महिला की मौत की खबर सामने आ रही है। मृत महिला की पहचान सोनी कुमारी 32 वर्ष, गांव हरिपुरा बक्शी टोल के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार महिला गर्भवती थी महिला को परिजनों व आशा के द्वारा मधुबनी शहर स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया। जहां निजी अस्पताल के डॉक्टर के द्वारा गर्भवती महिला का डिलीवरी करवाया गया। डिलेवरी के बाद अस्पताल के डॉक्टर ने महिला के परिजनों को बताया कि बच्चा गर्भावस्था में ही गंदा पी लिया है। जिस कारण नवजात बच्चे की स्थिति खराब है। जिसको लेकर बच्चें को स्पेशलिस्ट डॉक्टर के पास ले जाने को कहा गया। डॉक्टर के कहने पर महिला के परिजन बच्चे को लेकर दूसरे अस्पताल इलाज के लिए ले गया। जब वहा से वापस महिला को अस्पताल में मिलने के लिए परिजन आया तो डॉक्टर ने बताया कि महिला की स्थिति नाजुक है। इसे आप दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए ले जाएं। परेशान परिजन महिला को उठाकर दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए ले गया। जहां ले जाते समय रास्ते में महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद मृतक महिला के परिजन महिला के शव को लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। वही इस घटना की जानकारी नगर थाना पुलिस को भी दी गई। मृतक महिला के परिजन मधुबनी शहर स्थित संजीवनी अस्पताल के डॉक्टर के ऊपर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हो हंगामा किया। गुस्साए परिजनों ने बताया कि नवजात बच्चे की भी स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। गुस्साए परिजनों ने चिकित्सक के विरुद्ध लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में मामला दर्ज करने का तैयारी कर रहा है। यहां ये कहना उचित प्रतीत होता है कि आखिर आगे परिणाम जो भी हो लेकिन डॉक्टर के अपराध का जांच जव डॉक्टर को ही करना है तो ऐसे में न्याय की उम्मीद करना बेमानी होगा।




