सड़क पर धान रोप कर लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन!

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अरविंद कुमार

जर्जर सड़क पर जान हथेली पर लेकर लोग करते हैं यात्रा!

मोतिहारी। बिहार में विकास पुरुष की राज्य में सड़क पर कभी खेती देखी ? सुनकर आपको हैरत जरूर हुई होगी, लेकिन ये कोई विज्ञान का चमत्कार या सरक की बदहाली का ये आलम है सड़क खेत में तब्दील हो गया है और लोग उसमें धान की खेती कर रहे हैं । पताही प्रखंड मुख्यालय को पकड़ीदयाल अनुमंडल मुख्यालय से जोड़ने वाले मुख्य पथ सड़क के जर्जर हो जाने से लोगो को हो रही परेशानी को लेकर उक्त पथ में झंडा चौक के समीप दर्जनो लोगो ने धान रोपनी कर विरोध प्रदर्शन किया, लोगो द्वारा आरोप लगाते हुए बताया कि पताही से कोठी बाजार तक सड़क जो तीन वर्ष पूर्व बना था वह जर्जर हो गया है, जिस सड़क से होकर जाने में 9 किलोमीटर दूरी तय करने में 1 घँटा का समय लगता है, जबकि उक्त सड़क पर बाढ़ कभी आता नही है। ठीकेदार द्वारा उक्त सड़क का 5 वर्ष मेंटेनेंस करना था, पिछले दो वर्षों ने बिना मेंटेनेंस किये ही ठीकेदार द्वारा राशि का भी उठाव कर लिया गया है, लोगो ने उक्त सड़क पर धान रोपनी कर विरोध प्रदर्शन किया है और जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण से उक्त सड़क का जल्द निर्माण कराने का मांग किया है, ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि लोग अब इस पर चलना भी मुनासिब नहीं समझते हैं, दुर्घटना होने की संभावना हरदम रहती है। अगर मोटरसाईकिल वाला सड़क से गुजरे तो वह भी लड़खड़ा कर गिर जाता है, साईकिल चलाना भी दुश्वार हो रहा है। आलम यह है कि लोग बड़ी मुश्किल से सड़क से गुजरते हैं। वही ग्रामीण सुबोध साह ने बताया कि सड़कें देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाएगी की सड़कों में गड्ढे है की गड्ढे में सड़क.. तकरीबन 8 से 9 किलोमीटर तक सड़क की ऐसी हालत है कि बरसात के दिनों में पथ का हाल बद से बदतर हो जाता है. वाहन की कौन कहे पैदल चलना मुश्किल भी दूभर हो जाता है. सड़क पर बने गड्ढे में जल जमाव हो जाने से यातायात प्रभावित हो जाती है. जो करोड़ो रुपये की लागत से बना था. जिसका पांच वर्षो तक निर्माण एजेंसी को अनुरक्षण करना है. सड़क मेंटेनेंस की राशि का भुगतान भी विभाग द्वारा बिना मरम्मत के ही पिछले वर्ष एजेंसी कर दिया गया. सड़क का मरम्मत कार्य नही होने से लोग सड़कों के जजर्र हालत से अब विरोध करना शुरू कर दिया है। जिसका उद्देश्य है इस सड़कों की दुर्दशा की ओर सरकार और प्रशासन का ध्यान खींचना जिन से जिस सड़कों की दुर्दशा में सुधार हो सके। धान रोपनी करने वालों में बृजेश दुबे, भरत साह, भोला राउत, सुबोध साह, मोहम्मद वजीर आलम, देव आनंद प्रसाद, तबरेज आलम, अर्जुन कुमार, विपिन साह, अखिलेश यादव, अर्जुन चौहान, जयप्रकाश कुमार, आदर्श कुमार, मंतोष कुमार, सुबोध ठाकुर, अवनीश पासवान, हिमांशु कुमार शामिल थे। 

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