कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
किसानों के भूमि अधिग्रहण की मुआवजा उचित नही देने पर भड़के पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह, सदन को किया वॉकआउट
किसानों ने जिला प्रभारी मंत्री पर लगाया जिला प्रशासन से मिली भगत का आरोप
पूर्व मंत्री ने कहा जिले में परिमार्जन एवं म्यूटेशन नहीं हो रहा है समय पर
कैमूर। पूर्व मंत्री सह रामगढ़ के विधायक सुधाकर सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान दिए हैं सुधाकर सिंह ने अपने ही सरकार के मंत्री पर जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिली भगत का आरोप लगाया है साथ ही कहा है की किसानो की की भूमि अधिग्रहण की मुआवजा कि दर जिला प्रशासन द्वारा उचित नहीं लगाया जा रहा है ना ही किसानों को समय पर डीएपी दी जा रही है नाही जिले में परिमार्जन एवं म्यूटेशन समय पर किया जा रहा है दरअसल कई वर्षों बाद समाहरणालय के सभा कक्ष में शुक्रवार को जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई थी आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला प्रभारी मंत्री सुरेंद्र राम कर रहे थे बैठक के दौरान पूर्व कृषि मंत्री रामगढ़ के विधायक सुधाकर सिंह ने भारतमाला परियोजना सहित एनएच निर्माण के लिए किसानों के की जा रही भूमि अधिग्रहण की उचित मुआवजा देने के लिए जिला प्रशासन से दर लगाने की मांग किया इस पर जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया इस पर सुधाकर सिंह भड़क गए एवं सदन के बीच में ही छोड़ कर सदन से बाहर आ गए इधर सदन से बाहर आए रामगढ़ के विधायक सुधाकर सिंह से पूछे जाने पर सुधाकर सिंह ने कहा कि विश्व सूत्री की बैठक समस्या के निदान के लिए समीक्षात्मक की जाती है लेकिन बैठक के दौरान जो संचालन कर रहे थे एवं जो बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे उनका आपस में मिली भगत था भ्रष्ट अधिकारियों को दोनों लोगों द्वारा बचाव किया जा रहा था मेरा मांग था कि किसने की भूमि अधिग्रहण की मुआवजा कई वर्षों से नहीं मिल रहा है ना ही किसानों की भूमि का उचित दर लगाया जा रहा है वही जिले में किसानों को ना तो समय से डीएपी मिल रहा है और बीज लेट से आने के चलते किसानो की खेती प्रभावित होती है साथ ही पूर्व कृषि मंत्री ने कहा कि मैं सदन में कहा कि म्यूटेशन का कार्य एवं परिमार्जन का कार्य समय पर नहीं हो रहा है इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया तो मैं बीच में ही सदन छोड़कर बाहर चलाया उन्होंने इशारों में कहा कि ऊपर बैठे लोग भी इन लोगों को बचाव कर रहे हैं साथ ही कहां की यह बैठक समस्या के समाधान के लिए किया गया था लेकिन समस्या के समाधान के नाम पर कुर्बान किया जा रहा था साथ ही पूर्व मंत्री ने कहां की जिला प्रशासन की नाकामी के चलते ओवरलोडिंग का खेल नहीं रुक रहा है जिसका नतीजा है कि रेलवे के सभी पुल क्षतिग्रस्त हो गए साथ ही जिला प्रशासन पर कई आरोप पूर्व मंत्री द्वारा लगाए गए।




