कैमूर में मां मुंडेश्वरी मंदिर के तर्ज पर बना पंडाल हुआ आकर्षण का केंद्र

SHARE:

कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):

कैमूर जिले के भभुआ शहर में इस वर्ष दुर्गा पूजा के अवसर पर मां मुंडेश्वरी मंदिर के तर्ज पर दुर्गा पंडाल बनाया गया है। इस पंडाल को 12 कारीगरों द्वारा 20 दिन में तकरीबन 5 लाख रुपए से ज्यादा की लागत से बनाया गया है। दुर्गा पूजा के त्यौहार को लेकर जिले में अलग तरह का पूजा पंडाल देखने को मिल रहा। इसी क्रम में कैमूर में भी एक अनोखा पंडाल बनाया गया है जो आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जिले के भभुआ शहर स्थित पटेल चौक पर मां मुंडेश्वरी मंदिर के तर्ज पर दुर्गा पूजा पंडाल बनाया गया है। जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग भभुआ शहर में पहुंच रहे हैं। वैसे मां मुंडेश्वरी का मंदिर जो कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड के पवरा पहाड़ी पर स्थित है कैमूर और बिहार ही नहीं पूरे विश्व में विख्यात है मां का दर्शन करने के लिए पूरे विश्व से लोग कैमूर आते हैं। यहां की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां पर रक्तविहीन पशु बलि’दी जाती है जो लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बना रहता है। इस रक्त विहीन बाली को देखने के लिए पूरे विश्व के लोग मां मुंडेश्वरी के धाम में पहुंचते हैं और मां का दर्शन पूजन करते हैं। मां मुंडेश्वरी मंदिर को भारत के प्राचीनतम मंदिरों में से एक माना जाता है। हालांकि, ये कितना प्राचीन है, इसका कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है। जानकारी के अनुसार इतना प्रमाण अवश्य मिलता है कि इस मंदिर का निर्माण नहीं कराया गया है, बल्कि ये मंदिर खुदाई में मिली है। यह मंदिर कैमूर जिला मुख्यालय से 14 किलोमीटर दूर भगवनपुर‌ प्रखंड के पवरा पहाड़ी पर साढ़े 6 सौ फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
इस संबंध में भभुआ के चेतना संस्थान के कोषाध्यक्ष वाल्मीकि सिंह ने बताया कि इस पंडाल के निर्माण के लिए झारखंड राज्य के जामताड़ा से 12 कारीगरों को बुलाया गया है। जिनके द्वारा लगभग 20 दिनों में 5 लाख रुपए की लागत से मां मुण्डेश्वरी मंदिर के तर्ज पर भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। इस पंडाल को देखने के लिए जिले भर के लोग पहुंच रहे हैं। लाखों की संख्या में लोग पहुंचकर मां दुर्गा का दर्शन कर रहे हैं।

Join us on:

Leave a Comment