बैंगलुरु अग्निकांड में जमुई के 8 मजदूर झूलसे,4 की मौत, दो का शव पहुँचा!

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रिपोर्ट -पुरूषोतम कुमार

जमुई जिला से बंगलुरू से दो मजदूर का शव गांव पहुंचते ही पसरा मातम,दो और मजदूर की हुई मौत
गैस से लगे आग में झुलसा था आठ मजदूर,अबतक चार की हो चुकी है मौत
पीड़ित परिवार डीएम से मिलकर मुआवजा की लगाएंगे गुहार
किसी जन प्रतिनिधी के नहीं पहुंचने पर आक्रोशित हैं ग्रामीण

एंकर –जमुई परदेश कमाने गए खैरा प्रखंड के गढ़ी इलाके का आठ मजदूर के आग से झुलसने के बाद इलाज के दौरान चार मजदूर की मौत हो गई। जिसमें दो मजदूर का शव गुरुवार की अहले सुबह गांव पहुंचा, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों की काफी भीड़ उमड़ पड़ी। छोटे- बड़े, बच्चे- बूढ़े व महिलाओं की भीड़ टूट पड़ी। दोनों मजदूर के शव को देखकर सभी की आंखें नम हो गई।परिवार वालों के साथ-साथ पूरे गढ़ी इलाका में मातमी सन्नाटा पसर गया। स्वजन का रो-रो कर बुरा हाल होने लगा। दोनों मजदूर के शव को इस्लामिक रीति-रिवाज के साथ दफन किया गया। वहीं दो अन्य मजदूर का शव फिलहाल गांव नहीं पहुंचा है। उसके शव को गांव लाने की प्रक्रिया की जा रही है। गांव पहुंचे दो शव की पहचान गढ़ी थाना क्षेत्र के सितमाडीह गांव निवासी मो.बसारत मियां के पुत्र मो.मुस्तकीम और मो.जुब्राइल के पुत्र मो.इरशाद के रूप में हुई है।जबकि तीसरा मजदूर बाराटांड़ गांव निवासी कारु मियां के पुत्र मो.सऊद और चौकिटांड़ गांव निवासी मो.मंजूर के पुत्र दाऊद का शव फिलहाल बंगलुरू में है।

गौरतलब हो कि गढ़ी इलाके का सात मजदूर और चौकीटांड़ का एक मजदूर यानि कुल आठ मजदूर बंगलुरू में रहकर शोभा कंपनी में टायल्स का काम करते थे और सभी एक कमरे में ही रहते थे। गैस लीकेज होने की वजह से पांच अक्टूबर को भयावह आग लग गई थी। आग की लपटें इतनी तेज थी कि सभी आठ मजदूर आग की चपेट में आकर झुलस गए। जिसमें इलाज के दौरान पहले दो मजदूर और फिर बूधवार को दो मजदूर की मौत हो गई।।बाकी अन्य चार मजदूर की भी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं दो मजदूर का शव गुरुवार की सुबह गांव पहुंचा जबकि अन्य दो मजदूर के शव आने का लोग इन्तेजार कर रहे हैं।

इनसेट

जनप्रतिनिधि के खिलाफ ग्रामीणों ने जताया विरोध

चार मजदूरों की बंगलुरू में मौत के बाद पूरे मृतक मजदूर के परिवार वालों के साथ पूरे गांव पर आफत आई हुई है। गुरुवार की शाम मौलाना जियाउल रसूल गफ़्फ़ारी गढ़ी पहुंचे, जहां सिकंदरा उप प्रमुख नैयर खान, गढ़ी मुखिया प्रतिनिधि मो.एकराम, मो.कौसर, मौलाना ज़ाकिर,मौलाना फैजुल्लाह,मौलाना यूसुफ बरकाती सहित अन्य गणमान्य लोगों के साथ पीड़ित परिवार से मिलकर हौसला बढ़ाया और इस दुःख की घड़ी में साथ देने की बात कही। इस अवसर पर मौलाना जियाउल रसूल गफ़्फ़ारी ने कहा कि इतनी बड़ी घटना हो गई है लेकिन अब तक एक भी नेता, मंत्री व स्थानीय जनप्रतिनिधि तक देखने नहीं पहुंचे हैं। जिस वजह से यहां के लोग आक्रोशित हैं। वोट मांगने के लिए सभी जनप्रतिनिधि रहनुमा बनकर आते हैं लेकिन इतनी बड़ी दु:ख की घड़ी में एक भी जनप्रतिनिधि यहां के हालात को देखने के लिए नहीं पहुंचे हैं जो यह बड़ी ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से मांग किया है कि गरीब परिवार को मुआवजा दिया जाए। शुक्रवार की दोपहर पीड़ित परिवार के साथ वे जिलाधिकारी को आवेदन देकर मुआवजा की मांग करेंगे।

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