रिपोर्ट – शशिकांत मिश्रा!
बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा व स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर नगर के सफाई कर्मियों अपनी आठ सूत्री माग को लेकर हड़ताल आज मंगलवार से प्रारंभ हो गई है। अपनी मांगों को लेकर न सिर्फ नगर व जिला बल्कि प्रदेश भर में सफाई कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। आज सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी बिहार लोकल बॉडीज कमर्चारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के बैनर तले संघ के मंत्री बृजदेव शर्मा के नेतृत्व में बड़हिया नगर परिसद कार्यालय के मुख्य गेट पर अपनी मांगों को लेकर बिछाकर विरोध प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया और अपनी आठ सूत्री मांगों को पूरा किए जाने की बातें कही जाती रही। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी मजदूर संघ के मंत्री व्रजदेव शर्मा ने कहा कि जातिगत गणना और आरक्षण का राग अलाप रही सरकार नगर निकायों से चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी की बहाली ही बंद कर दी है। दैनिक मजदूरी करने वाले भंगी, हरिजन, गरीब गुरबा भटक रहे हैं। ये आखिरकार आरक्षण से किसे लाभान्वित करेंगे। पहले भी हुए हड़ताल और नगर विकास विभाग से हुई वार्ता के अनुरूप बातें कहीं से भी बनती नहीं दिख रही थी। मजबूरन प्रदेश भर के मजदूरों व सफाई कर्मियों को हड़ताल पर जाना पड़ा है। मुख्य मांगों में शामिल वर्षों से कार्यरत दैनिक कर्मियों की सेवा को अविलंब नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन, कार्यरत स्थाई कर्मियों को सरकारी कर्मियों के समान 7वां वेतन, पेंशन एवं एसीपी का लाभ, कार्य के दौरान मृत्यु होने पर आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी एवं मुआवजा जैसी मांगों के साथ सभी कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए हैं। नेतृत्वकर्ता श्री शर्मा ने कहा कि यह हड़ताल बीते 21 सितंबर से ही होना था। जिसे अपरिहार्य स्थानीय कारणों से 04 अक्टूबर से प्रारंभ किया गया है। मांगे नहीं माने जाने तक हड़ताल जारी रहेगा। इस दौरान प्रभावित होने वाली सफाई व्यवस्था के लिए सरकार और नगर विकास विभाग जिम्मेदार होंगें।




