सहयोगी संपादक अश्विनी श्रीवास्तव :

तबादले व पोस्टिंग में नौकरशाह की मनमानी, मंत्री बने हैं सिर्फ कठपुतली !अधिकारी क्या, चपरासी तक नहीं सुनते हैं मेरी बात, अपमान अब बर्दाश्त नहीं !
बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर नीतीश सरकार में नौकरशाह की मनमानी की पोल भी खोल कर रख दी है। नीतीश सरकार पर नौकरशाह हावी रहने की खबरेंं पूर्व से ही सुर्खियोंं में रही है। इधर विभिन्नन विभागों के पदाधिकारियोंं सहित कर्मचारियोंं का तबादला हो रहा है।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि, मैं नौकरशाही के विरोध में इस्तीफा दे रहा हूं। मंत्री बनने के बाद सरकार द्वारा दी जाने वाली वाहन सुविधा या अन्य किसी सुविधा से संतुष्ट नहीं हूं, क्योंकि अगर मैं लोगों की सेवा नहीं कर सकता, अगर अधिकारी मेरी बात नहीं मानते हैं तो लोगों का काम नहीं चलेगा। अगर उनका काम नहीं हो रहा है तो मुझे इसकी जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जेडीयू विधायक राज्य के अधिकारियों की मनमानी से परेशान हैं, और मीडिया के समक्ष उन्होंने ऐसा कहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में जो तबादले और पोस्टिंग मंत्री के स्तर पर होनी चाहिए थी, उसे अब अधिकारी कर रहे हैं। मंत्री को इसकी भनक भी नहीं हो रही है, महज वे स्टांप बने हुए है। उन्होंने कहा कि भले मैं सरकार में न रहूं पर सीएम नीतीश कुमार के साथ रहूंगा।
नीतीश कुमार के अत्यंत करीब रहे चंचल कुमार के भी संपत्ति की जांच की उठाई मांग —-
उन्होंने कहा कि बिहार में मंत्रियों की कोई पूछ नहीं है यहां नौकरशाह की चल रही एक अधिकारी चार साल से एक ही जगह बने हुए हैं। किसने अबतक क्या किया यह किसी को मालूम नहीं।उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के करीबी अफसरों ने खूब संपत्ति बनाई है। उन्होंने नीतीश कुमार के करीबी चंचल कुमार की संपत्ति की जांच की मांग की है।उन्होंने कहा कि लोग वर्षों से तानाशाही के शिकार है, लेकिन अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है। बहरहाल मंत्री साहनी ने इस्तीफे की पेशकश कर नीतीश सरकार के अंदरूनी मामलों की पोल खोल कर रख दी है। मंत्री मदन सहनी के इस बयान के बाद राजनीतिक सियासत गर्म हो गया है। मत्री मदन साहनी के इस बयान के बाद राजनीतिक उठापटक भी शुरू होने की कयास लगाई जा रही है।




