रिपोर्ट- धीरज शर्मा!

भागलपुर। श्री चंपापुर दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र में जैन धर्म के 12वें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य का गर्भ कल्याणक महोत्सव मनाया गया। भगवान वासुपूज्य की पद्मासन मूंगे रंग की प्रतिमा का स्वर्ण एवं रजत 108 कलशो से अभिषेक किया गया। स्वर्ण कलश सुनील मेहता , अहमदाबाद एवं रजत कलश से अभिषेकपदम पाटनी ने किया ।शांति धारा दिलीप हुमड, बड़ौदा ने किया के बाद भगवान वासुपूज्य की अष्ट द्रव्य से पूजा- अर्चना की गई।

पूजा के दौरान गर्भ कल्याणक अर्घ्य चढ़ाया गया।
पंडित जागेश शास्त्री ने अपने संदेश में कहा कि भगवान वासुपूज्य अहिंसा की जीती जागती प्रयोगशाला है। सदा प्रसन्न रहना है तो सादा जीवन जीना प्रारंभ करें । असावधानी अर्थात हानि ही हानि ।असावधानी ही समस्त रोग की जड़ है । मजबूरी में नहीं उत्साह से कार्य करें ।पॉजिटिव सोचिए अन्यथा जीवन में तनाव बढ़ेगा। जीवन छोटा है अतः खोटे काम बंद करो और उत्कृष्ट कार्य में लग जाओ। दिल दुखा कर नहीं, दिल जीत कर दिखाएं। जो किसी को दुखी नहीं देखना चाहता सचमुच वही सज्जन हैं। बुरे काम में आनंद आए तो समझना की बुरे दिन आने वाले हैं। गलत को गलत नहीं कहना गलत है। भगवान बासुपूज्य ने अहिंसा,अपरिग्रह का संदेश दिया हैं । आपको दुख देने नहीं, बल्कि आपका दुख लेने वाला सच्चा मित्र है । पछताने से अच्छा है संभल जाना।जो लोग रोते हैं वह व्यर्थ में अपना समय खोते हैं । गुरुजन हमें अच्छी सीख पर चलने की प्रेरणा देते हैं ।
सुनील जैन ,सिद्ध क्षेत्र मंत्री ने वासुपूज्य गर्भ कल्याणक की बधाई दी । सुनील जैन ने बताया कि देश के अनेक भागों से श्रद्धालु लगातार संपर्क कर रहे थे, और लॉकडाउन हटने का इंतजार कर रहे थे । मंदिर नहीं खुलने के कारण श्रद्धालुओं को बहुत मायूसी रही ।
कोतवाली चौक स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में भी वासुपूज्य गर्भ कल्याणक पूजन पारंपरिक रूप से पुजारी द्वारा किया गया ।
इस अवसर पर विजय जैन, पदम जैन, कैलाश गंगवाल , विनोद विनायका संजय गंगवाल ,अमित बड़जात्या मौजूद थे।
आयोजन में सरकार की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइन व दिशानिर्देशों की पालन किया गया ।




