मुख्यमंत्री के जनता दरबार से प्राप्त प्रतिवेदन व आय व्यय को लेकर डीएम रिची पांडेय ने की समीक्षा बैठक!

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पंकज कुमार जहानाबाद ।

जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों के साथ जी.एस.टी निबंधन रद्द या सस्पेंड होने वाले कार्य संवेदकों एवं आपूर्तिकर्ताओं के भुगतान से संबंधित विषय पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर निर्देश दिया गया:-
कार्य संवेदकों एवं आपूर्तिकर्ताओं के भुगतान से पूर्व जी.एस.टी निबंधन रद्द या सस्पेंड होने संबंधित जांच कर ली जाए।
संबंधित कार्य संवेदकों एवं आपूर्तिकर्ताओं का रिटर्न अद्यतन दाखिल है या नहीं इसकी जानकारी भुगतान से पूर्व ले लिया जाए।
संबंधित कार्य संवेदकों एवं आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध निर्गत डीआरसी13 (बकाया राशि के लिए) संबंधित कार्यालय को हस्तगत है या नहीं इसकी जानकारी ले ली जाए। साथ ही निर्गत डीआरसी13 में वर्णित राशि को काटकर ही भुगतान किया जाए।
इसके साथ ही उक्त विषय पर किसी प्रकार के सलाह या विमर्श हेतु कार्यालय संयुक्त आयुक्त वाणिज्य कर विभाग, जहानाबाद के दूरभाष संख्या 947000173 एवं 0611-4223073 पर संपर्क करने हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त वाणिज्य कर विभाग, जहानाबाद के द्वारा विस्तारपूर्वक इसके संबंध में जानकारी दी गई एवं इससे संबंधित लिखित मार्गदर्शिका का वितरण सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों के बीच किया गया। बैठक में जिला पदाधिकारी के साथ-साथ अपर समाहर्ता सुधा गुप्ता, संयुक्त आयुक्त वाणिज्य कर विभाग, जहानाबाद गोपाल प्रसाद एवं विभिन्न विभागों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

वहीं जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में माननीय मुख्यमंत्री, बिहार जनता दरबार में प्राप्त मामलों के अनुपालन प्रतिवेदन पर समीक्षात्मक बैठक आयोजित कर
संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक निदेश दिया गया।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री, बिहार जनता दरबार में
जहानाबाद जिले से संबंधित लगभग 869 मामलें है, जिसमें 707 मामलों का अनुपालन कर दिया गया है।
बैठक में बताया गया कि राजस्व एवं भूमि सुधार से संबंधित कुल 179 मामले है, जिसमें 144 का अनुपालन कर दिया गया है, शेष पर कार्रवाई की जा रही है, जिसमें सबसे ज्यादा मामले जहानाबाद सदर अंचल एवं मखदुमपुर अंचल का पाया गया, जिसका शीघ्र अनुपालन करने का निदेश संबंधित अंचल अधिकारी को दिया गया। सामान्य प्रशासन से संबंधित 75 मामलें है, जिसमें 60 का निष्पादन कर दिया गया है तथा शेष विभिन्न विभागों से संबंधित है, जिसके लिए जिला पदाधिकारी ने संबंधित कार्यालय को भेजने का निदेश दिया। गृह विभाग से संबंधित 58 मामले है, जिसमें 49 का अनुपालन किया गया है, जिसके लिए शीघ्र शेष मामलों का अनुपालन करने का निदेश दिया गया। शिक्षा विभाग से संबंधित 118 जिसमें 116 का अनुपालन कर दिया गया है।उसी प्रकार ग्रामीण विकास विभाग का 40 में 24, कृषि कार्यालय का 21 में 13, स्वास्थ्य विभाग का 31 में 27, गृह (पुलिस) का 21 में 14, खाद्य एवं उपभोक्ता का 17 में 11, नगर विकास एवं आवास विभाग का 18 में 16, लघु जल संसाधन का 12 में 08, ग्रामीण कार्य का 19 में 16, समाज कल्याण का 25 में 21, वित्त विभाग का 11 में 09, निगरानी का 05 में 01, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण का 05 में 04, विद्युत का 18 में 16, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण का 09 में 07, आपदा प्रबंधन का 22 में 20 आदि कार्यालयों द्वारा मामलों का अनुपालन किया गया है।
बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि यदि माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, जनता दरबार में पंजीकृत मामले उल्लेखित मूल विभाग से संबंधित नहीं है तो त्वरित रूप से इसकी सूचना माननीय मुख्यमंत्री, बिहार जनता दरबार कोषांग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे ताकि उन मामलों को संबंधित कार्यालयों को ससमय हस्तांतरित किया जा सके।
जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों के पदाधिकारियों एवं उनके प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, जनता दरबार से संबंधित मामलों के अनुश्रवण हेतु निरंतर समीक्षा की जाएगी। अतः उक्त मामलों को गंभीरता से लें एवं ससमय अनुपालन प्रतिवेदन भी भेजना सुनिश्चित करें। वैसे विभाग जिनका अनुपालन प्रतिवेदन शून्य है उनको सख्त निर्देश दिया गया कि अविलंब अनुपालन प्रतिवेदन भेजना सुनिश्चित करें एवं जो मामले जिस विभाग से संबंधित है उसे अविलम्ब हस्तांतरण किया जाए, ताकि संबंधित विभाग के द्वारा इसका ससमय निष्पादन किया जा सके।

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