पंकज कुमार जहानाबाद।
खरीफ फसलों की विभिन्न उर्वरकों के छिड़काव से खेती करने के लिए कृषि विभाग द्वारा जिले के किसानों हेतु सूचनाएँ निम्न रूप में संकलित है :-
कुछ प्रमुख उर्वरक
(1) 17:44:0:-
इसे यूरिया फास्फेट भी कहते है सभी फसलों के लिए उपयुक्त हैं और पौधों की जड़ों के फुटाव, जमाव व बढ़वार में योगदानए अधिक कल्लों फूल व फल में वृद्धि तथा गुणवत्ता युक्त पैदावार में वृद्धि
(2) 19:19:19 और 18:18:18:6.1:-
यह फसल की शुरुआती स्टेज में फसल की जोरदार वृद्धि और वनस्पतिक ग्रोथ के लिए होते हैं
(3)12:61:00:-
इसे मोनो अमोनियम फास्फेट कहा जाता हैं। इसका प्रयोग जड़ो के विकास और अधिक फुटाव के लिए किया जाता हैं। इसके साथ साथ फूलों की वृद्धि और प्रजनन के लिए किया जाता है।
(4) 00:52:34 :-
वनस्पतिक ग्रोथ को कम करने के लिए तथा फूलों और फलों की संख्या बढ़ाने के लिए, फलों का आकार बढ़ाने में भी सहायक हैं।
(5) 13:0:45 :-
इस उर्वरक को पोटेशियम नाइट्रेट कहा जाता है। इसमें नाइट्रोजन कम और पानी में घुलनशील पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है। यह उर्वरक फूल आने के बाद और परिपक्व अवस्था में आवश्यक है। जब बीस तीस प्रतिशत फल बनना शुरू हो जाएं तब इसका प्रयोग जबरदस्त रिजल्ट देता हैं।
(6) 00:00:50:-
इसको हम पोटेशियम सल्फेट कहते हैं। फलों की गुणवत्ता और वजन में सुधार के लिए किया जाता हैं। इसका प्रयोग हम फसल की आखरी अवस्था में करते हैं।
(7) कैल्शियम नाइट्रेट :-
इस उर्वरक का उपयोग जड़ वृद्धि के साथ.साथ जबरदस्त वनस्पतिक विकास के लिए किया जाता हैं खासकर बेल वाली फसलों में।
(8) जिंक सल्फेट:-
पौधे में जिंक की कमी होने पर अन्य पोषक तत्वों की उपलब्धता पोषक तत्व ग्रहण करने की क्षमता में कमी हो जाती हैं और फसलों की पैदावार में बढ़ोतरी तथा दूसरे पोषक तत्वों की उपलब्धता को बढ़ाता है मिट्टी को स्वस्थ तथा प्रकाश संश्लेषण को बढ़ाता है धान की फसल में खैरा रोग जिंक की कमी से आता हैं जिसमे पौधा ग्रोथ नही करता है।
(9) सागरिका:-
सागरिका उपचार वर्द्धि कारक है जो फसल की बढोत और विकास में मदद करता है।
सागरिकाए फसल की पैदावार को बढ़ाता है एवं पौधों को सम्पूर्ण पोषक तत्व प्रदान करता है जिसके परिणामस्वरूप पौधों की बढ़वारए जड़ए तनेए कल्लेए फल और फूलों आदि में वर्द्धि होती है।
सागरिकाए फसल की शारीरिक दक्षता को बढ़ाता हैए जिससे पौधे मिट्टी से अधिक पोषक तत्वों का अवशोषण करते हैं।
सागरिका, उपज की गुणवत्ता को बढ़ाता हैए यह फल का आकरए रंग एवं स्वाद की गुणवत्ता में वर्द्धि करता है।
सागरिकाए फसल की विभिन्न प्रकार के तनाव जैसे रोगए कीट आदि के प्रति प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
(10) नैनो यूरिया के लाभ :-
यह उन सभी फसलों के लिये उपयोगी हैए जिनके लिये नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है। चूंकि नाइट्रोजन सभी फसलों के लिये आवश्यक हैए अतः यह भी सभी फसलों के लिये उपयोगी है। जो की फसल की रूकी हुई वृद्धि को बढ़ता हैए नाइट्रोजन उपयोग क्षमता बढ़ाता है।
नैनो यूरिया फसल की पैदावार को प्रभावित किए बिना यूरिया व अन्य नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों की बचत करता हैं।
नैनो यूरिया की एक बोतल (500 मिलीलीटर) एक बैग यूरिया (45 किलोग्राम) के बराबर हैं।
फसल उत्पादकता में वृद्धि करता हैं।




