रिपोर्ट – संतोष तिवारी!
छात्र हत्याकांड: नाबालिग छात्र के सीने में अपराधियों ने मारी थी गोली, इलाज के दौरान अस्पताल में मौत
तीन घंटे रणक्षेत्र बना रहा खबड़ा, जाम में फंसे वाहन
मुज़फ़्फ़रपुर बैरिया स्थित निजी अस्पताल में शाम साढ़े पांच बजे छात्र आकाश कुमार पासवान की मौत के बाद परिजनों ने , अस्पताल से ही हंगामा शुरू कर दिया। बैरिया से सभी आक्रोशित शव लेकर खबड़ा पहुंच गए। सड़क पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। टायर जलाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की जाने लगी। थानेदार सत्येंद्र कुमार मिश्र पहुंचे और समझाने का प्रयास किया, लेकिन हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे लोग उग्र हो गए और पुलिस से भिड़ंत हो गई। तीन घंटे तक खबड़ा रणक्षेत्र बना रहा। एनएच-28 से लेकर गांव तक स्थिति बिगड़ी रही। स्थानीय पुलिस कर्मियों की ग्रामीणों ने एक न सुनी। एनएच पर जाम के कारण वाहनों की लंबी कतार दोनों ओर खड़ी हो गई। 10 किलोमीटर तक वाहन फंस गए। शाम में शहर से गांव लौटने वाले लोग जाम में फंस गए। सवारी वाहनों से उतरकर पैदल जाना पड़ा। हाजीपुर और समस्तीपुर की ओर जाने वाले वाहन फंसे रहे। वाहन चालक और राहगीर सहमे रहे। लाठीचार्ज के बाद पुलिस ने परिजनों को तलाश कर शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भिजवाया। आक्रोशित परिजन पोस्टमार्टम के लिए ‘जाने से इंकार करते रहे। जाम व बवाल के कारण रात 10 बजे तक वाहनों का परिचालन एनएच पर प्रभावित रहा।

शराब धंधेबाजों की भूमिका की तलाश
प्रारंभिक स्तर पर पूछताछ के बाद नाबालिग छात्र की हत्या में शराब धंधेबाजों की भूमिका के बिंदू पर पुलिस ने जांच शुरू की। हाल में खबड़ा में शराब को लेकर पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी कर शराब जब्त की थी। आशंका है कि आकाश किसी धंधेबाज के ठिकाने को देख लिया होगा, जिसके बाद पुलिस तक बात नहीं पहुंचे इसके लिए आकाश को ठिकाने लगाया गया होगा। इसके अलावा शराब की होम डिलीवरी के दौरान भी धंधेबाजों में वर्चस्व को लेकर अक्सर गोलीबारी की घटना होती है। आकाश के मित्रों के संबंध में
भी पुलिस जानकारी ले रही है।
बाइट परिजन / पुलिस




