शादी से एक दिन पूर्व प्रेमी संग भागी बहन, भाई ने शव यात्रा निकालकर कर दिया अंतिम संस्कार!

SHARE:

रिपोर्ट – अधिराज!

बहन ने की भागकर शादी, भाई ने निकाली शव यात्रा
शादी के ठीक 1 दिन पहले लड़की अपने प्रेमी के साथ हुई फरार

पूर्णिया में शादी के ठीक एक दिन पहले लड़की अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। लड़की ने अपने प्रेमी से शादी कर घर वालों को शादी की तस्वीरें भेज दी। जिसके बाद गुस्साए भाई ने अपने ही बहन की अर्थी बनाई और पूरे गांव में घुमा कर उसका दाह संस्कार कर दिया।

लड़की के भाई का यह कहना है कि उसकी बहन को किसी और लड़के से शादी करनी थी तो मुझे इसके बारे में पहले बता देती। पता के जाने के बाद मैंने कभी उनकी कमी अपनी बहनों को कभी भी महसूस नहीं होने दी। मेरी बहन ने जो किया, उससे समाज में मेरी और मेरे परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल दी। वो अब हमारे लिए मर चुकी है।

हल्दी और मेहंदी तक हो गई, सिर्फ आनी थी बारात

11 जून को बिहारी गुप्ता की बहन स्वीटी की शादी होने थी। मेहंदी और संगीत के बाद हल्दी की रस्म 10 जून को पूरी हुई। अगले ही दिन स्वीटी की बारात आने वाली थी, स्वीटी रात को प्रेमी संग शादी करने के लिए फरार हो गई। जिस दिन शादी हुई थी उस दिन ही उसने अपने प्रेमी के साथ मंदिर में सात लिए लेकर हमें तस्वीरें भेजी।

बिहारी गुप्ता ने अपने ही गांव टीकापट्टी के अरुण मंडल के बेटे सुधांशु कुमार पर स्वीटी के अपहरण का मामला दर्ज करवाया। मामला दर्ज होते ही टीकापट्टी थाने की पुलिस हरकत में आ गई। वही 11 जून को स्वीटी दुल्हन के जोड़े में अपने प्रेमी के साथ टीकापट्टी थाने पहुंची।

लड़के के ऊपर किए गए किडनैपिंग के केस को फर्जी बताते हुए स्वीटी ने कहा कि मैंने अपनी मर्जी से शादी की है। स्वीटी ने पुलिस को बताया है कि उसे ये शादी मंजूर नहीं थी। इसलिए उसे मजबूरन भागना पड़ा, जिस दिन उसकी शादी होनी थी। उसी दिन मंदिर में प्रेमी सुधांशु से शादी कर ली।

पूरे गांव में घुमाई गई बहन की शव यात्रा

बहन के इस फैसले से नाराज भाई ने 12 जून के शाम अपने परिजनों के साथ मिलकर पहले अपनी बहन की कुश की मूर्ति तैयार कर अर्थी को तीन लोगों के साथ मिलकर कंधे के ऊपर लेकर पूरे बाजार में घुमाया। नाराज भाई ने अर्थी में बहन की फोटो लगा रखी थी, तथा हिन्दू रीति-रिवाज से बहन के अर्थी को लेकर श्मशान में दाह संस्कार किया।

शादी से नाराज भाई बिहारी गुप्ता का कहना है कि पिता की मौत होने के बाद अपनी दोनों बहनों को कभी पिता की कमी महसूस होने नहीं दी। मेरी एक बहन की शादी हो गई है। दूसरी बहन स्वीटी की शादी उसकी रजामंदी के बाद ही तय की गई थी। नाराज भाई ने कहा कि उसकी बहन अगर किसी लड़के को पसंद कर रही थी, तो उसे शादी तय होने से पहले ही बताना देना चाहिए था। इसकी शादी को लेकर हमने इतने रुपए खर्च कर दिए थे। और वह शादी के ठीक एक दिन पहले वह भाग गई। इसके इस फैसले से न ही सिर्फ रुपये बर्बाद हुए, बल्कि पूरे सामाज में हमारे प्रतिष्ठा को धूमिल में मिलवा दिया। जिसके कारण जिस लड़के से शादी होने वाली थी उन लोगों से कई खरी-खोटी बातें सुननी पड़ी।

स्वीटी जब वह थाने में आई तो अपने प्यार के लिए मुझे ही मैं जो उसका अपना भाई था गलत ठहराने लगी। इसलिए मैंने यह तय किया है कि आज से मेरी बहन मेरे घर के लिए और मेरे लिए मर चुकी है। मैंने उसे मरा हुआ जानकर अर्थी सजाकर दाह संस्कार कर ही दिया है और अब स्वीटी का श्राद्ध कर्म और पिंडदान भी करेंगे क्योंकि वह अब हमारे लिए मर चुकी है।

Join us on:

Leave a Comment