रिपोर्ट – संतोष तिवारी!
मुज़फ़्फ़रपुर
400 में बिकी, 6900 हो गई दर
हरियाणा पुलिस ने बताया कि सदर अस्पताल से 400 में बेची गई वैक्सीन हरियाणा पहुंचकर 6900 रुपये की हो गई। दवा कारोबारी प्रवीण कुमार के पास से 497 वायल वैक्सीन के अलावा एमआरपी वाला स्टीकर भी जब्त किया गया था, जिस पर 6900 रुपये अंकित था
सदर अस्पताल से एंटी रेबीज वैक्सीन के सैकड़ों वायल की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने ऑपरेशन थिएटर सहायक नीलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। नीलेश ने वैक्सीन की बड़ी खेप ओडिशा के एक दलाल को औने- पौने दाम पर बेच दी थी। उसने मोटा मुनाफा पर वैक्सीन हरियाणा के दवा व्यवसायी को बेच दी। इस संबंध में हरियाणा के हिसार में केस दर्ज है।कालाबाजारी में दो और अस्पताल कर्मियों की संलिप्तता का संदेह है। पूछताछ में ओटी सहायक ने जुर्म कबूल कर लिया है। मंगलवार को उसे सीजेएम के समक्ष पेश कर ट्रांजिट
रिमांड पर हरियाणा ले जाया जाएगा। हरियाणा पुलिस इस मामले में पहले से गिरफ्तार ओडिशा के अनिरुद्ध गोड़ा को साथ लेकर शाम चार बजे सदर अस्पताल पहुंची। उसने ही नीलेश की निशानदेही की। इसके बाद उसे दबोच लिया गया। हरियाणा पुलिस के आईओ एसआई सत्यवान ने नगर थानेदार श्रीराम सिंह के साथ अस्पताल में छानबीन की। बीते 24 मार्च को हिसार में ड्रग्स कंट्रोलर रजनीश धानीवाल ने दवा कारोबारी प्रवीण कुमार को दबोचा था। उसके पास से 497 वायल एंटी रैबीज वैक्सीन मिले, जिस पर बिहार गवर्नमेंट सप्लाई, नॉट फॉर सेल लिखा था। प्रवीण ने बताया कि उसने ये वैक्सीन ओडिशा के अनिरुद्ध से खरीदी है। अनिरुद्ध ने बताया कि यह वैक्सीन मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल में खरीदी थी।




