रिपोर्ट – संतोष तिवारी
मुज़फ़्फ़रपुर
औराई थाना क्षेत्र के कोकिलवारा गांव में रविवार देर शाम उठी आंधी के कारण मवेशी के बथान में आग लग गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली। बथान में बंधे मवेशियों को बचाने के दौरान किसान गजेंद्र सिंह जिंदा जल गए। आग बुझने के बाद किसान की मौत की जानकारी लोगों को हुई। घटना के बाद गांव में अफरातफरी मच गई। चारों ओर चीख-पुकार मची थी। अगलगी में पलटन राय, विलास राय, गजेंद्र राय आदि का घर जलकर राख हो गया। अगलगी में लाखों की संपत्ति भी जल गई। ग्रामीणों ने बताया कि आंधी के कारण आग की लपटें काफी ऊंची उठ रही थी। पांच किलोमीटर दूर तक आग की लपटें दिख रही थी। वार्ड सदस्य कमरे आलम ने बताया बताया कि घटना के बाद पांच पंपसेट चलाकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आंधी के बीच बारिश भी होने लगी. लेकिन आग नहीं बुझी। सूचना पर फायर ब्रिगेड के साथ कर्मी दीपक कुमार पहुंचे। काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद लोग किसान गजेंद्र सिंह की खोज होने लगी। आग बुझने के बाद बथान के मलबे के बीच किसान की लाश पड़ी मिली। घटना की जानकारी थाना व अंचल प्रशासन को दे दी गई है। पुलिस जले हुए शव के अवशेष को पोस्टमार्टम में भेजने की तैयारी कर रही थी।
मवेशी को बचाकर खुद आग में घिर गए गजेंद्र
, आंधी के दौरान सभी किसान देशको यान के अंदर बांध दिए थे बयान में मार भगाने के लिए अलाव जलाया गया था। आशंका है कि उसी दारी से आग लगी है। गजेंद सिंह मदेशी खोलने के लिए बयान में घुसे थे। आग फैल चुकी थी। रस्सी खुलने के बाद मवेशी तो बचान से भगा दिया। इसी दौरान बयान का छप्पर उनके शरीर पर गिर गया
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