अमित कुमार की रिपोर्ट!
कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में गांधीजी के प्रपौत्र तुषार गांधी का संबोधन
देश में नफरत की राजनीति आज के दौर में चिंता का विषय बन गई है
इस नफरत की राजनीति को रोकने के लिए गांधीजी के आदर्शों का सहारा लेना होगा
3 दिनों से मैं पटना में हूं और सिविल पार्टी के लोगों से बात कर रहा हूं
इस नफरत की राजनीति को खत्म करने के लिए क्या कदम उठाया जाए
गांधीजी के समय में इन नफरत वादियों को हिम्मत नहीं हुई थी नफरत की राजनीति करने की
गांधी जी ने देश को एकता का संदेश दिया था
राहुल गांधी एकता का संदेश लेकर देश में निकले थे
राहुल गांधी ने संदेश दिया है एक साथ नफरत की राजनीति करने वालों से लड़ना है
संघ परिवार के पास एक भी प्रेरणा दायक नेता नहीं है
आर एस एस और बी जे पी में जो आज है उनके पूर्वजों का इतिहास कांग्रेस से जुड़े हुए थे
सरदार पटेल की आड़ में राजनीति कर रहे हैं
सरदार पटेल की ऊंची प्रतिमा बनाने से उनका कद का बखान नहीं हो सकता है जो उन्होंने समाज के लिए काम किया
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने हिंसा का रास्ता अपनाया इसलिए वह कांग्रेस से अलग हुए कांग्रेसी अहिंसा के रास्ते पर चलने वाली पार्टी थी
बीजेपी आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा आज जो अपने आप को देशभक्त बता रहे हैं वह अंग्रेजों के सलाहकार थे
देश को आजादी कांग्रेस ने अपने खून पसीने से दिलाई है
बीजेपी आरएसएस वालों को देश की आजादी से कोई मतलब नहीं था
विभाजन रुकवाने के लिए महात्मा गांधी की हत्या करवानी परी यह बात सामने लाया गया
आर एस एस के कोई नेता का बयान विभाजन रुकवाने के लिए कभी नहीं सामने आया
राहुल गांधी पर अभद्र भाषा बोलने का आरोप लगता है गुजरात चुनाव में क्या कुछ कांग्रेस और राहुल गांधी और गांधी परिवार पर बीजेपी वालों ने कहा था यह मुझे याद नहीं
बीजेपी को रोकने के लिए राहुल गांधी की आवाज को बुलंद कराने की जिम्मेवारी आम जनता की है
कांग्रेस कमजोर हुई है इसलिए बीजेपी सत्ता में है
एसएस वाले यह घरों से बाहर निकलने से पहले डरते थे आज कांग्रेस कमजोर हुई इसलिए आर एस एस बीजेपी सत्ता में
कांग्रेस कार्यकर्ता अपना फर्ज भूल चुके हैं इसलिए कांग्रेस कमजोर हुई है
कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर के कई नेताओं को दिया कांग्रेस ने देश को
पटना स्थित राजेंद्र स्मारक की बदहाली पर तुषार गांधी ने दुख जाहिर किया सरकार और लोगों के खिलाफ
पहले के कार्यकर्ता पार्टी के वफादार होते थे आज नेता के हो चुके हैं
कार्यकर्ता नेताओं से मिलने वाले कुछ लाभ के कारण अपना फर्ज भूल चुके हैं
विदेशियों से लड़ना आसान था हमारे बीच आज गद्दार है
उससे लड़ना मुश्किल है
महात्मा गांधी की हत्या किसने करवाई दिया देश को याद रखना होगा
गांधी के हत्यारे देश की सत्ता में है यह देश को याद रखना होगा
गांधी की हत्या गोडसे और संघ ने करवाया यह खुलकर कहने का समय आ चुका है




