एएचटीयू एसएसबी रक्सौल ने नाबालिग नेपाली लड़की को फेक प्यार के चुंगल से मुक्त करवाया।

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रिपोर्ट – धर्मेंद्र कुमार!

मोतिहारी रक्सौल एसएसबी,एक पीड़ित 16 वर्षीय नाबालिग नेपाली लड़की सीता देवी को उस समय रेस्क्यू किया गया जब उसे 3 व्यक्ति पंटोका (रक्सौल,बिहार) के रास्ते एसएसबी पोस्ट के पास से भारत में कहीं बड़े शहर में ले जाने की तैयारी में थे।
दो लड़के नेपाल की तरफ भागने में सफल रहे एक व्यक्ति जावेद खान को पकड़ लिया गया।
मानव तस्करी रोधी इकाई क्षेत्रक मुख्यालय रक्सौल के इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा ने जब जावेद खान ने पूछताक्ष की तो उसने बताया कि भागे लोग इरफ़ान अहमद और सलीम मियां नेपाल के रहने वाले थे।
जावेद ने यह भी स्वीकार किया कि वो नाबालिग लड़की से शादी कर उसके धर्म को परिवर्तन कराना चाहता था। उसने लड़की का नाम भी मेहर खातून रख दिया था। अभी सीता देवी से रोजे भी रखवा रहा था।
आफैन्ता नेपाल बीरगंज (नेपाल) की समन्वयक अधिकारी सुनीता सापकोटा के समक्ष काउंसिलिंग में नाबालिग लड़की ने बताया कि जावेद खान उसके पिताजी के होटल में आता था। वहीं जावेद खान भोजन करने के बहाने से आता था। वहीं उसके साथ दोस्ती की और प्यार में फंसा लिया। नाबालिग लड़की ने बताया कि जब वो उसके साथ आई तो उसके साथ जावेद ने शारीरिक संबंध भी बनाये ।
चूंकि नेपाल में एफआईआर हो रखी थी इसलिए जावेद खान और सीता देवी को नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया। जिससे आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा सके।
इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा इस नेपाल से लड़कियों को प्यार और शादी के नाम पर बहला फुसला कर बहुत बड़े स्तर पर भारत के बड़े शहरों में अवैध कार्यों के लिए लाया जाता है, इसके साथ ही भारत से नेपाली लड़कियों को विदेश भी भेज दिया जाता है और मानव तस्करी रोधी इकाई क्षेत्रक मुख्यालय इनके इस नेटवर्क पर लगातार प्रहार के रही है।
इस प्रकरण में निम्न अधिकारियों का सहयोग रहा,
सीनियर इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा, सीनियर उपनिरीक्षक बिनोद काफ्ले (नेपाल पुलिस), सहायक उपउपनिरीक्षक अनिल कुमार, आरक्षी मिकी कुमारी, आरक्षी डोली कुमारी
आफैन्ता नेपाल बीरगंज (नेपाल) की समन्वयक अधिकारी सुनीता सापकोटा तथा सदस्य दिघी कुमारी थापा।

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