आकाश कुमार की रिपोर्ट :-
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक शिष्टमंडल ने छात्रहित के विभिन्न मांग को लेकर पूर्णिया के सर्किट हाउस में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर उन्हें अपना मांगपत्र सौंपा।
शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहे प्रदेश मंत्री अभिषेक यादव ने बताया कि उनकी मांगों में मुख्य रूप से राजकीय बीएड महाविद्यालय या अंगीभूत महाविद्यालय में बीएड की पढ़ाई प्रारंभ किया जाना, महाविद्यालयों के जर्जर भवन व वर्ग कक्ष दुरूस्त किया जाना और ब्लैक बोर्ड को ग्रीन या व्हाइट बोर्ड में बदला जाना, ई-लाइब्रेरी के नाम पर हुई बंदरबांट की जांच कराते हुए छात्रों को ई-लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराना, पूर्णिया काॅलेज पूर्णिया, मारवाड़ी काॅलेज किशनगंज सहित कमोबेस बिहार के सभी महाविद्यालयों की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना शामिल है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद सदस्य रवि गुप्ता ने कहा कि राज्यपाल सह कुलाधिपति को कोसी-सीमांचल के स्थिति अवगत कराया गया है। यह सराहनीय कदम है कि राज्यपाल सह कुलाधिपति अपने दायित्व के प्रति समर्पित हैं। खासकर अधिषद बैठक को लेकर पूर्णिया प्रवास सराहनीय कदम है।
मौके पर प्रदेश सहमंत्री नितिश कुमार पासवान ने कहा कि यूआईएमएस के कार्यपद्धति से छात्र-छात्राएं परेशान हैं, जिससे छात्रों को विश्वविद्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। ऐसे में स्टूडेंट फ्रेंडली केंद्रीयकृत सॉफ्टवेयर बनाया जाए, जिससे छात्रों को फॉर्म भरने में आसानी हो। पीएचडी कोर्स में आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को फेलोशिप दिया जाए, छात्रों के समस्या के समाधान के लिए सिंगल विंडो की व्यवस्था की जाए।
सिंडिकेट सदस्य सह विश्वविद्यालय प्रमुख प्रो. एमपी सिंह ने कहा कि परीक्षा परिणाम में व्यापक धांधली की जाती है। ठीक करने के नाम पर अवैध वसूली की जाती है, इस पर अंकुश लगाया जाए। सभी महाविद्यालय में कम से कम दो कंप्यूटर सेल बनाया जाए, जिससे छात्रों को विश्वविद्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े। इस मौके पर विश्वविद्यालय संयोजक विनय सिंह, विभाग संयोजक किशनगंज-कटिहार अमित मंडल व विभाग संयोजक पूर्णिया-अररिया अभिषेक आनंद शामिल थे।




