आज भी कई परिवार खुले आसमान और पॉलिथीन के नीचे जीवन बसर करने को मजबूर!

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पंकज कुमार जहानाबाद

जहानाबाद में प्रशासनिक पदाधिकारी के अनदेखी के कारण आज भी कई परिवार इस ठंड के मौसम में खुले आसमान और पॉलिथीन के नीचे जीवन बसर करने को मजबूर हैं। चाहे इसे जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कहें या बाबुओं की मनमानी इन गरीब एवं दलित परिवारों को देखने वाला कोई नहीं है। खुले आसमान एवं पॉलिथीन के नीचे अपना जीवन बसर गुजार रहे लोगों का साफ कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए हम लोगों ने कई बार पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ आवास सहायक के पास जाकर गुहार लगाई लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।इन गरीब एवं दलित लोगों का साफ तौर पर कहना है कि जो लोग आवास सहायक को नजराना देते हैं उन्हीं लोगों को आवास मुहैया कराई जाती है ।आवास सहायक इन गरीबों से एक दो हजार रुपये नहीं बल्कि 30 हजार रुपये आवास देने के एवज में मांगते हैं। जिसे देने में गरीब परिवार असमर्थ होती है। जहानाबाद के कसमा पंचायत का कसमा गांव के रहने वाले गरीब गुरवे ठंड के मौसम में पॉलिथीन टांग कर छोटे-छोटे बच्चों के साथ अपना जिंदगी गुजार रही है।

इस बाबत पीड़िता गीता देवी बताती है कि कई बार आवास सहायक से आवास की मांग की लेकिन बगैर नजराना दिए उनका नोटिस भी नहीं लिया जाता है। कई के ऐसे लोगों को आवास मुहैया कराया गया है जो पक्का मकान में गुजर बसर कर रहे थे लेकिन पॉलिथीन टांग का जीवन व्यतीत करने वाले लोगों को आवास नहीं मिल रहा है। इस बाबत स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि भी स्वीकार करते हैं कि आवास सहायक के मनमानी के कारण पंचायत में कई ऐसे परिवार हैं। जिन्हें आवास मुहैया नहीं कराया गया है जबकि जिन्हें आवास नहीं चाहिए था उन्हें नजराना लेकर आवास मुहैया करा दिया गया ।अब सवाल यह उठता है कि प्रदेश में सुशासन बाबू की सरकार लगातार आवास योजना में धांधली नहीं हो इसके लिए तरह-तरह के उपाय ढूंढ रहे हैं लेकिन आवास सहायक के मनमानी के कारण कई गरीब एवं दलित परिवार आज भी खुले में पॉलिथीन के नीचे जिंदगी बिताने को मजबूर हैं। आखिर इन गरीब एवं दलित परिवार लिए कब जमीनी स्तर पर इंसाफ मिलेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

बाइट गीता देवी ग्रामीण बाइट ग्रामीण ।
बाइट पंकज कुमार मुखिया प्रतिनिधि।

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