बेटी के साथ दुष्कर्म मामले में कुकर्मी पिता को आजीवन कारावास!

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पंकज कुमार जहानाबाद।

आखिरकार कुकर्मी पिता को उसके द्वारा अपनी बेटी के साथ किए गए कुकरमो की सजा मिल गई। पाॅकसो के विशेष न्यायालय के न्यायाधीश रश्मि की अदालत ने बेटी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी पिता अजय केवट के सजा के बिंदु पर सुनवाई करने के उपरांत भादवि की धारा 376 एवं पाॅकसो की धारा 4 के तहत आजीवन कारावास भुगतने का फैसला सुनाया। इतना ही न्यायालय ने आरोपी को दोनों धाराओं में ₹20000 ₹20000 अर्थदंड भुगतान करने का निर्देश दिया। अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने पर छह छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा । न्यायालय ने पीड़ित प्रतिकर अधिनियम के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव को पीड़िता के राहत और पुनर्वास के लिए ₹300000 बतौर सहायता राशि प्रदान करने का भी निर्देश दिया है ।उपरोक्त आशय की जानकारी पॉक्सो के विशेष लोक अभियोजक मुकेश नंदन वर्मा ने दी । बताते चलें कि इस मामले में पीड़िता की मां ने महिला थाना जहानाबाद में पिता अजय केवट को नामजद प्राथमिकी दर्ज कराया था।

दर्ज प्राथमिकी में पीड़िता की मां ने आरोप लगाया था कि उसका पति शराब के नशे में घर आता था।और अपनी नाबालिग बेटी को बेहोश करने वाला पदार्थ सुंधाकर पिछले तीन चार महीने से दुष्कर्म कर रहा था। जब मैं अपनी बेटी से पूछताछ किया तो वह बताएं कि पिता जी मुझे जबरन किचन में ले जाकर तथा अन्यत्र ले जाकर शारीरिक संबंध बनाते थे। किसी से कहने की बात नहीं करते थे। एक दिन जब मैं उसे गलत नियत से घूरते देखा तो वह मुझे चुप रहने को बोला। जब मैं अपनी बेटी का हाव-भाव देखा तो बेटी से पूछने पर इस घटना की जानकारी मिली। मेरा पति ड्राइवर है उससे मुझे 6 बेटी और दो बेटे हैं मैंने अपनी बड़ी बेटी और बड़े बेटे की शादी कर दी है।वर्तमान में मैं सब्जी बेच कर अपना जीवन गुजार रही हूं। पति की इस गलत हरकत से बचने के लिए मैं अपने परिवार को लेकर अपने मायके चली गई। लेकिन इतने पर भी वह नहीं माना। वह कानूनन नोटिस देकर मुझे तथा बच्चों को अपने साथ रखने का दबाव बनाने लगा। तब मैंने महिला थाने में आकर प्राथमिकी दर्ज कराई । विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि इस मामले में अभियोजन की ओर से 6 गवाह तथा बचाव पक्ष की ओर से चार गवाह प्रस्तुत किए गए थे।

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