पंकज कुमार ठाकुर
पंकज कुमार ठाकुर कार्यकारी संपादक शंखनाद मीडिया हाउस
तो क्या बिहार की सियासत आबोहवा एक बार फिर बिहार में बदलने वाली है। बरहाल यह मैं यूं ही नहीं कह रहा हूं सवाल इसीलिए गंभीर हो चला है कि राष्ट्रीय जनता दल और राष्ट्रीय जनता दल यूनाइटेड के आपस में ही बयान वीर बन रहे हैं। तो सूत्र बताते हैं कि जब तेजस्वी सरकार में नहीं थी तो शिक्षक की पिटाई का मामला उनका मुख्य काम रहता था। लेकिन इधर अगर नजर डालें तो तेजस्वी सरकार में है और तीन बार शिक्षकों पर ताबड़तोड़ लाठीचार्ज दूसरी ओर कृषि मंत्री का बयान जो लगातार सुर्खियों में रहा। और अंत में मुख्यमंत्री को फ्रंट पर आकर कहना पड़ा धर्म के मामले में बोलना गलत है। दूसरी ओर कैबिनेट में कृषि की एक बैठक होती है जहां कृषि मंत्री को ही नहीं बुलाया गया।

जहां मुख्यमंत्री ने इशारों इशारों में बहुत कुछ कह दिया। दूसरी ओर शरद यादव की मौत के बाद राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने वीडियो बनाकर दुख व्यक्त करते हैं। लेकिन अपने नेताओं पर एक्शन के लिए बीमार है। यानी तेजस्वी अपने स्टैंड पर है विधायक के साथ हैं। दरअसल सूत्र बताते हैं कि सारा खेल ट्रांसफर और पोस्टिंग का है जहां राजद नेताओं की ट्रांसफर और पोस्टिंग में एक नहीं चल रही है। जिसके बाद दोनों पार्टी के सदनबीरो की बयानबाजी का अल्फाज एक से एक बरहाल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय आम है कि समाधान यात्रा तो एक बहाना है। कहीं दूरी बनाना तो निशाना नहीं।




